वाराणसी। बीएचयू वैदिक विज्ञान केंद्र में महामना मालवीय मिशन इकाई की ओर से आयोजित व्याख्यान में वक्ताओं ने महामना के जीवन दर्शन के साथ ही नई शिक्षा नीति पर विस्तार से चर्चा की। बतौर मुख्य वक्ता भारतीय इतिहास संकलन योजना के राष्ट्रीय संगठन सचिव डॉ. बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा सामाजिक, आर्थिक विकास का प्रमुख आधार है। महामना जयंती के उपलक्ष्य में वैदिक विज्ञान केंद्र में आयोजित व्याख्यान में डॉ. बालमुकुंद ने कहा कि मालवीय जी अंग्रेजी शिक्षा का पूरा समर्थन करते थे। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य आनंद और सुख की प्राप्ति होना चाहिए, जिसमें विनम्रता की प्रगाढ़ता और अहंकार की शून्यता हो। महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा कि देश के विकास में ज्ञान ही हमें आगे आने वाले शताब्दियों में मुख्य रूप से स्थापित कर सकता है। अध्यक्षता करते हुए बीएचयू कुलगुरु प्रो. विजय कुमार शुक्ल ने कहा कि कौशल और मानवता को भुलाकर कोई भी संस्कृति, देश और समाज उन्नति नहीं कर सकता। इस दौरान मालवीय जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित निबंध और संभाषण प्रतियोगिता के विजेताओं को प्रमाण-पत्र और स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में केंद्र के समन्वयक प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी, डॉ. अनूप कुमार, डॉ. प्रभाकर उपाध्याय, प्रो. जयप्रकाश लाल, प्रो. अनिल कुमार मौजूद रहे।