मिर्जामुराद। जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 1.22 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में पांच आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। ओडब्लूएम लोजीपार्क वाराणसी एलएलपी के प्रबंधक अमित सिंह ने पुलिस को बताया कि मिर्जामुराद में 30.64 बिस्वा जमीन बिक्री के लिए भूस्वामियों से मौखिक करार हुआ था। कंपनी ने आरटीजीएस से कुल 1,22,56,000 रुपये का अग्रिम भुगतान संबंधित लोगों के खातों में कर दिया। आश्वासन दिया गया था कि शेष औपचारिकताएं पूरी होने पर विक्रय विलेख निष्पादित कर दिया जाएगा। अमित सिंह का आरोप है कि पूरी धनराशि मिलने के बाद भी विपक्षियों ने रजिस्ट्री नहीं की। कंपनी ने रजिस्ट्री के लिए लाखों के स्टांप भी खरीदे थे। बावजूद न तो जमीन का बैनामा हुआ और न ही धनराशि वापस की गई। जब उन्होंने रजिस्ट्री या पैसा वापस करने की मांग की तो विपक्षी पक्ष ने साफ इन्कार कर दिया। उन्हें जान से मरवा देने की धमकी भी दी गई। अमित सिंह ने दावा किया कि सभी भुगतान और लेनदेन के दस्तावेज उनके पास हैं। थाना प्रभारी गोपाल जी कुशवाहा ने बताया कि डीसीपी गोमती जोन के आदेश पर मीरा शुक्ला, उषा विद्यासागर शुक्ला, गीता देवी कल्पना मिश्रा और राहुल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। संवाद