गंगा दशहरा पर मंगलवार की भोर में श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर के अर्चकों ने मां गंगा की आरती उतारी। ललिता घाट पर मां गंगा की प्रतिमा के सामने मंत्रोच्चार करते हुए मां गंगा का दूध जल से अभिषेक किया गया। धाम स्थित मंदिर परिसर में विराजमान मां गंगा के विग्रह पर विधिवत पूजन अर्चना चली। ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष दशमी पर मंगलवार को मंदिर न्यास की ओर से कई धार्मिक और आध्यात्मिक कार्यक्रम कराए गए। धाम में विशेष पूजा-अर्चना और वैदिक अनुष्ठान कराए गए। इस दौरान मंदिर न्यास के अधिकारी, कार्मिक, अर्चकगण और बड़ी संख्या में श्रद्धालु भी पूजा का हिस्सा बने। सभी ने श्रद्धा और भक्ति भाव से मां गंगा और बाबा श्री काशी विश्वनाथ का पूजन-अर्चन किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गंगा दशहरा वह पावन तिथि है। मां गंगा भगवान शिव की जटाओं से पृथ्वी पर अवतरित हुई थीं। इस दिन गंगा स्नान, पूजन और आराधना करने से समस्त पापों का क्षय होता है। मोक्ष की प्राप्ति का पुण्य फल प्राप्त होता है।