पश्चिमी विक्षोभ के चलते शनिवार को पूर्वांचल का मौसम बिगड़ गया। आसमान में बादल छा गए। शाम को तेज आंधी के साथ हल्की बारिश भी हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिनों में प्रदेश में बारिश के साथ ही ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। मौसम विज्ञानियों के अनुसार अभी कुछ दिनों तक मौसम इसी तरह बना रहेगा। इससे गेहूं के साथ ही दलहनी और तिलहनी की फसलों को नुकसान होने की आशंका है।
जम्मू-कश्मीर से चला पश्चिमी विक्षोभ शनिवार को पूर्वांचल में प्रवेश कर गया। इससे आसमान में बादल छा गए और आंधी शुरू हो गई। दोपहर बाद कुछ इलाकों में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं बहने लगीं। इस आंधी से गेहूं की फसलों को झटका लगने का अनुमान है। उधर, लखनऊ के मौसम विभाग ने अगले तीन से चार दिनों के भीतर प्रदेश भर में वर्षा के साथ ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। इसका असर वाराणसी, मिर्जापुर, जौनपुर, सोनभद्र, गाजीपुर, चंदौली, आजमगढ़, बलिया, मऊ के अलावा आसपास के जनपदों पर भी रहेगा।
मौसम विज्ञानियों ने किसानों को सलाह दी है कि दलहनी, तिलहनी फसलों की कटाई, मड़ाई में सावधानी बरतें। कटी फसलों की मड़ाई रोकने के साथ ही खलिहानों में फसल को भीगने से बचाएं। इसके साथ ही खेतों में खड़ी फसल की कटाई रोकने सलाह दी है। बीएचयू के मौसम विज्ञानी डॉ. राजीव भाटला के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ से नम हवाएं स्थानीय गर्म वातावरण से टकराकर बादलों के रूप में परिवर्तित हो गई हैं। इससे बारिश होने लगी है। अधिकतम और न्यूनतम तापमान में गिरावट के संकेत मिले हैं। इससे कुछ दिनों तक मौसम में हल्की ठंडरहेगी। डॉ. भाटला का कहना है कि फिलहाल मौसम इसी तरह बना रहेगा।
पीछे लगा है एक और पश्चिमी विक्षोभ
वाराणसी। पूर्वांचल में अगले चार दिनों तक आंधी-पानी के बाद सिर्फ दो दिन की राहत मिलेगी। जम्मू-कश्मीर में एक और पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 18 मार्च तक पूर्वांचल में सक्रिय हो जाएगा। अभी उस पश्चिमी विक्षोभ की क्षमता का आकलन नहीं हो सका है। उसकी हवाएं तेज और मजबूत रहीं, जिससे दोबारा आंधी-पानी के संकट उत्पन्न होने की आशंका है।