आईआईटी बीएचयू के छात्र-छात्राओं ने चीफ प्रॉक्टर प्रो. सुनील मोहन को हटाने की मांग की है। स्टूडेंट पार्लियामेंट का कहना है कि इससे पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन शिकायत के बाद भी एक भी घटना में कार्रवाई नहीं हुई।
आईआईटी बीएचयू के स्टूडेंट पार्लियामेंट का कहना है कि अक्तूबर में पीएचडी की दो छात्राओं के साथ छेड़खानी हुई। जब-तब बाहर के लोग आकर हॉस्टल में घुसकर छात्र-छात्राओं के साथ गाली गलौज करते हैं। कई बार मारपीट भी हुई लेकिन प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने इस पर कोई सख्त फैसला नहीं लिया। चीफ प्रॉक्टर प्रो. सुनील मोहन की बड़ी विफलता और गैर जिम्मेदारी के कारण इस घटना के साथ कई घटनाएं भी हुई हैं। इसलिए उन्हें इस पद से हटाया जाना चाहिए।
स्टूडेंट पार्लियामेंट ने की ये हैं मांगें
- संस्थान इस मामले में कानूनी सलाह के लिए तुरंत एक वकील नियुक्त करे। जांच की निगरानी के लिए समिति बनाई जाए जिसमें विश्वसनीय प्रोफेसर शामिल हों।
- बाहरियों के प्रवेश पर पूरी तरह से रोक लगाई जाए। परिसर में आने-जाने वालों की 24 घंटे निगरानी की व्यवस्था हो। सुरक्षा के लिए दीवार बनाना और बीएचयू परिसर को विभाजित करना संभव नहीं है।
- दिन के समय आईआईटी परिसर में एक ही निकास/प्रवेश के माध्यम से सभी (आईआईटी छात्रों, बीएचयू छात्रों और बाहरी लोगों) को आने-जाने की व्यवस्था हो। रात्रि में बाहरी लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए।