आईआईटी बीएचयू में कर्मचारियों का धरना
- फोटो : अमर उजाला
आईआईटी बीएचयू में प्रमोशन के लिए परीक्षा पास करने के आईआईटी बीएचयू प्रशासन के फैसले के विरोध में कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को निदेशक कार्यालय पर धरना दिया। फैसले के विरोध में नारेबाजी कर इसे वापस लेने की मांग की। करीब दो घंटे बाद आईआईटी बीएचयू प्रशासन की ओर से इस पर नियमानुसार वापस लेने की बात कही गई, तब जाकर कर्मचारियों का धरना समाप्त हुआ।
संस्थान में करीब 150 कर्मचारियों को प्रमोट करने के लिए प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह परीक्षा का आदेश जारी किया गया था। यह भी कहा गया था कि परीक्षा के साथ भी संबंधित कर्मचारी की स्नातक स्तर पर 55 प्रतिशत की शैक्षणिक योग्यता भी होनी चाहिए। कर्मचारियों का कहना था कि नौकरी देते समय ही यह शर्त क्यों नहीं लागू की गई। अब इस तरह का फैसला उचित नहीं है।
कर्मचारियों से बातचीत करने आए रजिस्ट्रार राजन श्रीवास्तव और रिसर्च एंड डेवलपमेंट के डीन प्रो. राजीव प्रकाश ने परीक्षा संबंधी आदेश को वापस लेने और प्रमोशन के नियमों से जुड़ी समस्याओं पर 15 दिसंबर को कर्मचारियों संग बैठक की बात कही। इसके बाद ही कर्मचारियों ने धरना स्थगित कर दिया।
पढ़ेंः बीएचयू: जूनियर डॉक्टरों ने खत्म की हड़ताल, कल से काम पर लौटेंगे, मरीजों ने राहत की सांस