आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी
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इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पदाधिकारियों ने शनिवार को एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन के अपर सचिव अमित मोहन प्रसाद से लखनऊ में मुलाकात की और ज्ञापन सौंपा। इस दौरान उद्योग अनुसार भूमि, चिह्नित उद्योग भूमि पर सीवर, जल, बिजली आदि मूलभूत सुविधाओं और समस्याओं के समाधान पर चर्चा की गई। उद्यमियों ने कहा कि निवेशकों को उद्योग के अनुसार जल्द जमीन मिले तो वाराणसी समेत पूर्वांचल में उद्योग इकाइयों को पंख लग जाएं।
आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि उत्तर प्रदेश को उद्योग प्रदेश बनाने की मुख्यमंत्री की मंशा है। भारी मात्रा में निवेश प्रस्ताव भी आए और जिसके एमओयू भी हस्ताक्षर किए गए हैं, लेकिन प्रदेश में उद्योग लगाने के लिए जमीन नहीं होने के कारण उद्योग मूर्त रूप नहीं ले पा रहे हैं। ऐसी स्थिति में सरकार को औद्योगिक संगठन के साथ बैठक कर विचार करना होगा और इंडस्ट्रियल एरिया के आस पास चिह्नित की गई भूमि पर सड़क, सीवर, नाली, बिजली की व्यवस्था के साथ ही भू उपयोग प्राथमिकता के आधार पर परिवर्तन करना होगा।
राष्ट्रीय सचिव राजेश भाटिया ने कहा कि उद्यमियों के 2017-18 के इनसेंटिव और सब्सिडी भी अभी तक प्राप्त नहीं हुए है, जिससे कार्यशील पूंजी का प्रवाह रुका हुआ है। जबकि अन्य राज्यों में दिसंबर 2022 तक के इनसेंटिव मिल चुके हैं। डिविजनल चेयरमैन अनुपम देवा ने कहा कि बिजली उद्योग की जान है, लेकिन उसकी उपलब्धता ही नहीं है। बिजली संयत्र, ट्रांसफार्मर युद्ध स्तर पर लगाए जाने की आवश्यकता है। अपर मुख्य सचिव ने उद्यमियों ने आश्वस्त किया कि समस्याओं का जल्द समाधान होगा। बैठक में डिविजनल चेयरमैन विंध्याचल और आजमगढ़ मंडल प्रशांत अग्रवाल, मोहन अग्रवाल, मनीष कटारिया, गौरव गुप्ता, मनोज खंडेलवाल आदि मौजूद रहे।