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Varanasi News: नेमी दर्शनार्थियों से धक्कामुक्की कर गर्भगृह में डेरा जमाया तो रद्द होगा कार्ड

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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के 550 नेमी दर्शनार्थियों की निगरानी की जाएगी। मंदिर प्रशासन को सूचना मिली है कि कुछ नेमी दर्शनार्थी बुजर्गों से धक्का-मुक्की करते हैं। साथ ही गर्भगृह में लंबा समय गुजराते हैं। इससे तमाम नेमी दर्शनार्थियों को दिक्कत होती है। ऐसे नेमी दर्शनार्थियों की पहचान की जाएगी, फिर नोटिस देकर जवाब मांगा जाएगा। अगर सुधार नहीं हुआ तो नेमी दर्शनार्थी का फोटोयुक्त पहचान पत्र निरस्त कर दिया जाएगा। इसके बाद सामान्य दर्शनार्थियों की तरह दर्शन का मौका मिलेगा। कुछ नेमी दर्शनार्थियों के वालंटियर के रूप में गलत तरीके से मंदिर परिसर में काम करने की शिकायत भी मिली है। नेमियों का पास सालाना 3500 रुपये में बनता है।
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सावन का पहला सोमवार 22 जुलाई को है। 19 अगस्त तक सावन रहेगा। इस बीच पांच सोमवार पड़ेंगे। इससे पहले ही विश्वनाथ मंदिर की व्यवस्थाएं दुरुस्त की जा रही हैं। इसी सिलसिले में मंगलवार को मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा और पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल की अगुवाई में बैठक हुई। मंडलायुक्त ने कहा कि इस सावन में 90 लाख से एक करोड़ श्रद्धालु आ सकते हैं। लिहाजा, भीड़ प्रबंधन अच्छा होना चाहिए। ज्यादा श्रद्धालु मंदिर परिसर में रहें, इसकी व्यवस्था बनाई जाएगी। मंदिर परिसर में बैरिकेडिंग की संख्या बढ़ाई जाएगी। जहां रेस्टोरेंट है, वहां भी जिगजैग बैरिकेडिंग कराई जा रही है। 20 जुलाई को ही मॉकडि्रल करके सुरखा के हर पॉइंट जांचे जाएंगे। सुरक्षा कर्मियों को ड्यूटी बताई जाएगी। श्रद्धालुओं की सुरक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। पुलिस को अपने हिसाब से बैरिकेडिंग लगवाने और लाइटिंग कराने की छूट दी गई है।







विश्वनाथ मंदिर में नेमी दर्शन करने वालों की संख्या करीब 1200 है। इसका सालाना शुल्क 3500 रुपये है।







अलग-अलग भाषा के जानकार रहेंगे, नो व्हीकल जोन रहेगा मैदागिन से गोदौलिया


काशी विश्वनाथ के दर्शन के लिए देश भर से श्रद्धालु आते हैं। अब ऐसे कर्मियों को तैनात किया जाएगा, जिन्हें अलग-अलग भाषाओं का ज्ञान है। मैदागिन से गोदौलिया के बीच पूरे सावन भर नो व्हीकल जोन रहेगा। वृद्ध, अशक्त, दिव्यांग और अति विशिष्ट लोगों के लिए मुफ्त ई-रिक्शा का संचालन किया जाएगा। संपूर्ण धाम क्षेत्र को सीसीटीवी कैमरे से लैस करते हुए कंट्रोल रूम को स्थापित किया गया है। बैठक में डीएम एस राजलिंगम, अपर पुलिस आयुक्त वाराणसी कमिश्नरेट एस चिनप्पा, मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र आदि मौजूद रहे।
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काशीवासियों से लिए अलग से गेट प्रवेश अगले सप्ताह



काशीवासियों के लिए नंदुफारिया मार्ग से सुबह और शाम चार बजे से पांच बजे तक खोलने के प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई। इसे काशी द्वार का नाम दिया जाएगा। पहले ये नेमी दर्शनार्थियों के लिए खोला जाएगा। व्यवस्था सुदृढ़ होने के बाद इसे काशीवासियों के लिए हमेशा के लिए खोल दिया जाएगा। इस पर अगले सप्ताह से अमल की तैयारी है। मंडलायुक्त ने कहा कि काशीवासी आधार कार्ड या फिर कोई भी फोटाेयुक्त पहचान पत्र दिखाकर दर्शन कर सकेंगे। पहचान पत्र में स्थानीय पता होना चाहिए।



गलियों में पर्याप्त सुरक्षा के होंगे इंतजाम



मंडलायुक्त ने सभी सीसीटीवी को चेक करते हुए बचे जगहों पर भी कैमरे लगाने को निर्देशित किया। उन्होंने सड़क पर भीड़ को कम करते हुए अंदर बैरिकेड्स को जिग-जैग करने व शेड लगाने के निर्देश दिए। घाट पर लगी फ्लड लाइट्स की संख्या बढ़ाने के साथ गलियों में भी सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करने को कहा। नगर निगम को सीवरेज चेकिंग और सफाई के उचित प्रबंध करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग को धाम परिसर में डॉक्टरों की पर्याप्त व्यवस्था करने को कहा। मंडलायुक्त ने दर्शनार्थियों के लिए शौचालय, पीने के पानी की समुचित व्यवस्था करने के लिए मंदिर प्रशासन को निर्देश दिया।
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