पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता मनोज अग्रवाल ने बताया कि 1912 पर उपभोक्ता शिकायत कर अपनी बिजली से जुड़ी किसी भी प्रकार की समस्या दर्ज करा सकते हैं। धनतेरस से लेकर अन्नकूट तक सभी उपकेंद्रों पर अधिकारियों कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी।
क्योंकि सभी लोग झालर लगाते हैं। इस नाते 150 से 200 मेगा वाट खपत बढ़ जाती है। इसे देखते हुए व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। ट्रांसफार्मरों को बेहतर किया जाए ताकि किसी प्रकार की दिक्कत ना आने पाए।
30 नवंबर तक न पटाखे बिकेंगे और न ही कोई जलाएगा
वाराणसी के एसीएम और सीओ की संयुक्त टीमें यह सुनिश्चित करेंगी कि जिले में आगामी 30 नवंबर तक कहीं पटाखा न बिके। यह निर्देश मंगलवार को जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने दिया। उन्होंने कहा कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में रोजाना पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम अभियान चलाकर चेकिंग करेगी। इस दौरान पटाखे बेंचने वालों के खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई करने के साथ ही आतिशबाजी न करने के लिए भी लोगों को जागरूक किया जाएगा।
एनजीटी न्यायालय ने बढ़ते वायु प्रदूषण को देखते हुए बनारस सहित प्रदेश के 13 जिलों में पटाखों की बिक्री और जलाने पर 30 नवंबर तक प्रतिबंध लगाया है। जिलाधिकारी ने बताया कि 30 नवंबर तक आतिशबाजी से जुड़े सामान बेंचने के संबंध में जारी सभी लाइसेंस भी निरस्त रहेंगे। जिन्होंने आतिशबाजी का सामान खरीद लिया है, वह भी 30 नवंबर तक उसका प्रयोग नहीं कर सकेंगे।
इस बार ग्रीन पटाखों और डिजिटल व लेजर तकनीक से दिवाली की खुशियां मनाने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें एक हफ्ते से जिले के अलग-अलग इलाकों में अवैध तरीके से पटाखे बेंचने और भंडारण करने वालों के खिलाफ अभियान चला कर कार्रवाई कर रही हैं।