मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के करधना गांव में आंवला समझकर कनेर की फली खाने से तीन बच्चियों की मौत के मामले पर मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है। मानवाधिकार कार्यकर्ता, चंदौली निवासी अधिवक्ता खालिद वकार आबिद ने प्रशासनिक लापरवाही, जन-जागरूकता की कमी और बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए पीड़ित परिवारों को तत्काल मुआवजा देने की मांग की है। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राज्य मानवाधिकार आयोग ने 8 जनवरी 2026 को आदेश में जिलाधिकारी से जांच रिपोर्ट तलब की है। निर्देश दिया है कि जांच प्रक्रिया में शिकायतकर्ता अधिवक्ता खालिद वकार आबिद को सम्मिलित किया जाए। जिलाधिकारी को 16 फरवरी 2026 तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है, जबकि मामले की अगली सुनवाई 17 फरवरी 2026 को आयोग के समक्ष होगी।