वाराणसी। साध्वी श्रीनिष्ठा ने कहा कि मानव जन्म मिला है तो उसे सेवाभाव से ही सार्थक कर सकते हैं। जब मानव जाति पर विपदा आती है तब अध्यात्म और संयम से संकट टल जाते हैं। कोशलेश नगर नागरिक समिति और रामकथा आयोजन समिति की ओर से कोशलेश नगर पार्क में चल रही शिवमय श्रीरामकथा के तीसरे दिन रविवार को उन्होंने शिव विवाह प्रसंग की चर्चा की। उन्होंने कहा कि पर्वत राज हिमालय की घोर तपस्या के बाद उनके घर माता पार्वती अवतरित हुईं। वह बचपन से ही बाबा भोलेनाथ की अनन्य भक्त थीं। एक दिन पर्वतराज के घर महर्षि नारद पधारे और उन्होंने भगवान भोलेनाथ के साथ पार्वती के विवाह का संयोग बताया। कथाव्यास ने भगवान श्रीराम के जन्म का प्रसंग भी सुनाया। इस दौरान महिलाओं ने भए प्रगट कृपाला दीनदयाला कौशल्या हितकारी... गाते हुए श्रीराम जन्म की सबको बधाई दी। मुख्य यजमान डॉ. आंनद मिश्रा और सत्या मिश्रा ने व्यास पीठ का पूजन किया। कथा श्रवण करने आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्रा दयालु, मेयर अशोक कुमार तिवारी पहुंचे थे।