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Varanasi News: आनंदकानन के मंच पर सजी नवसंवत्सर की सांझ

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संस्कार भारती काशी महानगर एवं भृगु योग ब्रह्म चिंता प्रणाली ट्रस्ट की ओर से सुरसरि के तट पर आनंद कानन के मंच पर नवसंवत्सर की संगीत संध्या सजाई गई। शनिवार को अस्सी घाट पर समारोह में गायन, वादन और नृत्य की प्रस्तुतियों में संगीत की स्वरलहरियां झंकृत हुईं। शुभारंभ क्षेत्र कार्यवाह वीरेंद्र एवं कृष्ण जालान ने दीप जलाकर किया। सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आरंभ युवा कलाकार उर्वशी श्रीवास्तव के ग्रुप द्वारा कथक फ्यूजन एवं गिटार से हुआ। तबले पर विवेक मिश्र, गिटार पर उत्कर्ष श्रीवास्तव, गायन तनु श्रीवास्तव, ड्रम पर देवांश सिंह और कीबोर्ड पर पीयूष मिश्रा ने संगत की। नृत्य निर्देशन संगीता सिन्हा का रहा। अगली प्रस्तुति बीएचयू के मंच कला संकाय के असिस्टेंट प्रो. राकेश कुमार के बांसुरी वादन की रही। डॉ. प्रियंबदा के निर्देशन में भरतनाट्यम समूह नृत्य की प्रस्तुति हुई। आरंभ गणेश पंच रत्न स्तोत्र से हुआ। श्याम तोरी बंशी, सूरदास के भजन एवं कार्यक्रम का समापन तिल्लाना से हुआ। अंतिम प्रस्तुति में मंच संभाला पं. गणेश प्रसाद मिश्र ने। उन्होंने गायन की शुरूआत राग मिश्र खमाज में निबद्ध दादरा डगर बीच कैसे चलूं मग रोके कन्हैया...से किया। इसके बाद चैती चैत मासे सैंया नहीं अइले हो मोरे रामा, जिया घबरइले...पेश किया। समापन बाबा भोले की होली काशी में होली रचाए भोला... से किया। तबले पर ललित मिश्र, सारंगी पर अनीश मिश्र, बांसुरी पर डॉ. शनिष, तानपुरा पर शुभ मिश्र ने सहयोग किया। संयोजन प्रमोद पाठक ने किया। सहयोग डॉ. जयंत कुमार भादुड़ी एवं डॉ. हेमंत कुमार भादुड़ी ने किया। इस दौरान डॉ. के ए चंचल, सौरभ श्रीवास्तव ने स्वागत किया। संचालन ललिता शर्मा और धन्यवाद डॉ. आर वी शर्मा ने किया।
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