बीएचयू कर्मचारियों की पेंशन संबंधी मामलों की समीक्षा के लिए कुलपति ने उच्च स्तरीय विशेष समिति का गठन किया है। इसकी पहली बैठक शुक्रवार देर शाम तक हुई। इसमें सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार कर्मचारियों को पेंशन का लाभ मिल सकता है। ये उन कर्मचारियों के लिए बेहतर होगा जो दैनिक वेतनभोगी, संविदा, निश्चित वेतन या सीबीडी प्रोजेक्ट के तहत 31 दिसंबर 2003 या उसके पहले नियुक्त हुए थे और बाद में उनको नियमित किया गया। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बीएचयू ने प्रबंधन अध्ययन संस्थान के प्रोफेसर पीएस त्रिपाठी की अध्यक्षता में चार सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया था।बीएचयू के कुछ सेवानिवृत्त और कार्यरत कर्मचारियों ने कुलपति को प्रार्थना पत्र देकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत न्याय का विचार करने की मांग की थी। इसके मुताबिक अगर किसी कर्मचारी कि नियुक्ति दैनिक वेतनभोगी, संविदा के तौर पर अस्थायी नियुक्ति कि गई हो और बाद में अगर कर्मचारी कि नियमित नियुक्ति कि जाती है तो उस कर्मचारी को अस्थायी और स्थायी नियुक्ति दोनों अर्थात कुल नौकरी के कार्यकाल को मिलाकर पेंशन लाभ दिया जाएगा।