नगर निगम की ओर से कम रोशनी वाले इलाकों की खोज की जा रही है। इन इलाकों में अधिक क्षमता वाली स्ट्रीट लाइटें लगवाई जाएंगी। वार्ड वार सर्वे किया जा रहा है। मेयर अशोक कुमार तिवारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है। मणिकर्णिका, दशाश्वमेध, कचहरी, कबीरचौरा, चेतगंज, भेलूपुर और गंगा किनारे की गलियों में कम रोशनी की लाइटों से दिक्कत होती है। स्ट्रीट लाइटों की क्षमता बढ़ाई जाएगी। पहले अलग-अलग डिजाइन की स्ट्रीट लाइटें लगाई गई थीं। कहीं हेरिटेज कहीं ईएसएसएल ने एलईडी लाइटें लगवाईं। कहीं तेज तो कहीं कम रोशनी की लाइटें हैं। मरम्मत का बजट नहीं होने से दिक्कत होती है। तय किया गया कि पुरानी कम पावर की लाइटें हटाकर अधिक पावर की लगवाई जाएंगी। हर वार्ड को लाइट के लिए 7-7 लाख रुपये दिए गए हैं, लेकिन अब तक सभी वार्डों में काम नहीं हो पाया है। निगम के अधिकारियों ने बताया कि पोल की अलग-अलग डिजाइन के कारण लाइट लगने की रफ्तार धीमी है। ज्यादातर सीमेंट, लोहे, बिजली और रेल पोल हैं। जिनके हिसाब से क्लैंप बनवाने पड़ रहे हैं। इससे देरी हो रही है। कई पुरानी स्ट्रीट लाइटों के उपकरण उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। जहां दिक्कत आ रही है, वहां नई स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएंगी।