सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक) शुभि अग्रवाल की अदालत में मंगलवार को ज्ञानवापी के प्राचीन मामले में सुनवाई नहीं हो सकी। अब 13 मार्च को सुनवाई होगी। अदालत के पीठासीन न्यायिक अधिकारी के अवकाश पर होने के कारण मामले की सुनवाई टली है।
पिछले दिनों अदालत में प्रतिवादी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला दिया और वाद में अग्रिम सुनवाई नहीं करने का अनुरोध किया था। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता की याचिका पर वर्शिप एक्ट के तहत विवादित सभी मामलों पर अग्रिम सुनवाई पर रोक लगाई इसलिए इस मामले में सुनवाई नहीं हो सकती।
पिछले दिनों जिला जज की अदालत ने भी सील वजूखाने के ताले पर कपड़ा बदलने के मामले में प्रशासन की अर्जी पर सुनवाई से इन्कार कर दिया था। इसके वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने दलील दी कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में कोई आदेश नहीं दिया है।
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हाईकोर्ट ने पहले ही इस मामले को छह महीने के अंदर निस्तारित करने का आदेश दिया था। आदेशानुसार त्वरित सुनवाई चल रही है। ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर के निर्माण और हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार देने से जुड़े 1991 में दायर मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई हो रही है।