ज्ञानवापी में नए मंदिर बनाने और हिंदुओं को पूजा-पाठ करने का अधिकार देने को लेकर वर्ष 1991 में दाखिल मुकदमे में विजय शंकर रस्तोगी को वादमित्र के पद से हटाने की अर्जी में पारित आदेश में संशोधन के लिए दाखिल प्रार्थना पत्र पर सुनवाई बृहस्पतिवार को हुई। सिविल जज सीनियर डिवीजन फास्टट्रैक भावना भारतीय की अदालत में सुनवाई के दौरान अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद की ओर से उनके अधिवक्ता ने पक्ष रखा। अदालत ने अगली सुनवाई के लिए 16 दिसंबर की तिथि तय की है।