उच्चतम न्यायालय के मुख्य भवन पर लगे राष्ट्रीय ध्वज के फोटोग्राफ को बदलकर भाजपा का झंडा लगाकर ट्वीट करने से संबंधित स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा के खिलाफ दर्ज परिवाद की सुनवाई सोमवार को एसीजेएम तृतीय पवन कुमार सिंह की अदालत में हुई। प्रकरण में आदेश के लिए 27 फरवरी की तिथि नियत की है। शिकायतकर्ता अधिवक्ता सौरभ तिवारी के अनुसार, 11 नवंबर 2020 को कुणाल कामरा ने अपने ट्विटर अकाउंट से सुप्रीम कोर्ट के जज को लेकर अपमानजनक टिप्पणी की थी। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य भवन पर लगे राष्ट्रध्वज की तस्वीर को एडिट कर भाजपा का झंडा लगाकर पोस्ट किया था। इस मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट के आदेश से 16 मई 2022 को अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने परिवाद दर्ज कराया था। सोमवार को अधिवक्ता ने अदालत में कहा कि कॉमेडियन का कृत्य राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा-2 के तहत अपराध की श्रेणी में आता है।