काशी में गंगाजल की सेहत सुधरी।
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बनारस में गंगा की सेहत दुरुस्त है। गंगाजल में घुलनशील ऑक्सीजन की मात्रा मानक के अनुसार है। यह जानकारी अतुल्य गंगा परिक्रमा की टीम की जांच में मिली। ऋषिकेश से गंगासागर की यात्रा पर निकली सेना के जवानों की स्पेशल टुकड़ी ने गंगाजल का नमूना एकत्र किया और आम जनता को गंगा स्वच्छता के लिए जागरूक किया।
शुक्रवार को लेफ्टिनेंट जनरल वीके भट्ट के नेतृत्व में अतुल्य गंगा परिक्रमा की टीम राजघाट पहुंची। सुबह राजघाट पर नमामि गंगे गंगा विचार मंच के महानगर टीम के साथ स्वच्छता अभियान में भागीदारी की।
नमामि गंगे जिला संयोजक शिवम अग्रहरि ने गंगातट पर दल के सभी यात्रियों का अभिनंदन किया। साथ ही नमामि गंगे के जनजागरण अभियान की गति के बारे में विस्तार से बताया। गंगातट पर श्रमदान में आरएसएस के पर्यावरण गतिविधि, नगर निगम, गंगा टास्क फोर्स, नमामि गंगे व भाजपा के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।
जनरल वीके भट्ट ने बताया कि पिछले चार वर्षों से गंगा नदी से नमूने एकत्र किए जा रहे हैं। एक दिन में तीन से चार नमूने एकत्र कर लैब में जांच की जाती है। इसमें गंगाजल की गुणवत्ता जल गुणवत्ता सूचकांक का डेटा एकत्र किया जा रहा है। तकनीकी समूह ने काशी में अपस्ट्रीम और डाउनस्ट्रीम से नमूने एकत्र किए। टीम ने बताया कि वाराणसी में गंगाजल में घुलित ऑक्सीजन की मात्रा 6-12 तक मिली है। यह संतोषजनक है।