विभागाध्यक्ष डॉ. शोभना नार्लिकर ने बताया कि विभाग में बंधक बनाकर रखा गया। डॉ. नर्लिकर ने कहा कि वह शाम चार बजे से पुलिस के अधिकारियों और डायल 112 पर लगातार फोन कर रहीं हैं, लेकिन कोई भी उनकी मदद के लिए नहीं आया है। रात 10 बजे तक के बाद विभागाध्यक्ष विभाग के बाहर निकलीं। छात्रों का प्रदर्शन जारी है।
छात्रों का आरोप है कि विभागाध्यक्ष विभाग में मनमाने तरीके से काम कर रही हैं। वह दूसरे अध्यापकों के विषय से जुड़े नंबर भी खुद ही देती हैं। इस वजह से कई छात्र फेल हो गए हैं। उनसे शिकायत की जाती है तो हमारी बात सुनने के बजाय झूठे आरोप में फंसाने और कार्रवाई की धमकी भी देती हैं। ऐसे में इनको पद से तत्काल प्रभाव से हटाया जाना जरूरी है। चेतावनी दी कि विभागाध्यक्ष पर कार्रवाई होने तक विरोध जारी रहेगा।
बीएचयू में बीवॉक के छात्र-छात्राओं का धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा। केंद्रीय कार्यालय पर धरना दे रहे छात्र विश्वविद्यालय प्रशासन से कक्षाओं के नियमित संचालन, छात्रावास, कार्यशाला और प्लेसमेंट के बेहतर इंतजाम कराने की मांग कर रहे हैं।