हरिहर बाबा के 74वीं पुण्यतिथि पर दर्शन के लिए पहुंचे भक्त
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कथावाचक प्रिया किशोरी ने कहा कि हरिहर बाबा सिद्ध साधक थे। वह अपनी नाव पर गंगाजी में ही रहते थे। अस्सी स्थित आश्रम में आज भी उनकी नाव संरक्षित है। उनकी खड़ाऊं, उनकी तस्वीरें और उनके लिखे गए मंत्रों को आज भी आश्रम में सुरक्षित रखा गया है। भक्त उसके दर्शन के लिए आते हैं।
वह शनिवार को अस्सी घाट स्थित हरिहर बाबा आश्रम में हरिहर बाबा की 74वीं पुण्यतिथि पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रही थीं। भोर में हरिहर बाबा की आरती और पूजा पाठ के बाद शांति यज्ञ किया गया। हरिहर बाबा की पुण्यतिथि पर भक्त दर्शन पूजन के लिए आश्रम पहुंचे। पुण्यतिथि पर भक्तों के लिए भंडारे का इंतजाम किया गया। इस दौरान शाम को भजन संध्या का भी आयोजन किया गया।