11वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस पर बुनकरों को स्वदेशी सामानों का प्रयोग करने के लिए जागरूक किया गया। बुनकर सेवा केंद्र के ओर से बुनकरों को स्वदेशी के लाभ बताए गए। उन्हें स्वदेशी आंदोलन के इतिहास से भी रूबरू कराया गया।
इस दौरान जामदानी रंगकाट साड़ी के बेहतरीन डिजाइन तैयार करने पर 2024 का संत पुरस्कार पाने वाले चोलापुर के बुनकर मो. हनीफ अंसारी को दिया गया। चौकाघाट स्थित बुनकर सेवा केन्द्र में आयोजित हथकरघा दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ उद्योग विभाग के संयुक्त आयुक्त उमेश कुमार सिंह ने दीप प्रज्वलित करके किया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बुनकर शामिल हुए।
इस दौरान नई दिल्ली में आयोजित मुख्य कार्यक्रम भी बुनकरों को दिखाया गया। तत्पश्चात् राष्ट्रीय पुरस्कार एवं संत कबीर पुरस्कार से सम्मानित बुनकर भाईयों को विशिष्ट अतिथि द्वारा सम्मानित किया गया। बुनकर सेवा केंद्र के सहायक निदेशक ऋषिकेश मनोहर देसाई ने हथकरघा द्वारा चलायी जा रही योजनाओं जैसे- हैण्डलूम वेलफेयर स्कीम, आउटसाइड क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम, समर्थ योजना, क्लस्टर विकास योजना, इंडिया हैण्डलूम ब्राण्ड, विभिन्न मेलों व प्रदर्शनीयों में बुनकरों द्वारा भागीदारी इत्यादि योजना के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
कार्यक्रम में केन्द्र सरकार एवं राज्य सरकार के विभागों से आए प्रतिनिधियों ने अपने-अपने विभागों में बुनकरों के लिए चलाई जा रही योजनाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में राष्ट्रीय हथकरघा विकास निगम लिमिटेड, केन्द्रीय रेशम बोर्ड के कर्मचारी और अधिकारी मौजूद रहे। नागरिको में संत कबीर अवार्डी/ राष्ट्रीय पुरस्कार प्राप्त अवार्डी/इंडिया हैण्डलूम ब्राण्ड धारक/क्लस्टर के कार्यदायी संस्थाओं के अध्यक्ष/प्रोडूसर कम्पनीयों के बोर्ड आफ डायरेक्टर और बड़ी संख्या में बुनकर उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन हेमन्त कुमार श्रीवास्तव ने किया।