ज्ञानवापी स्थित मां शृंगार गौरी के नियमित दर्शन-पूजन और एएसआई सर्वे में मिल रहे साक्ष्यों को संरक्षित करने की मांग वाले आवेदन पर सोमवार को अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दर्ज कराई है। इस मामले की सुनवाई 13 सितंबर को जिला जज डाॅ. अजय कृष्ण विश्वेश की अदालत करेगी।
मां शृंगार गौरी प्रकरण की चार महिला वादिनी लक्ष्मी देवी, सीता शाहू, रेखा पाठक व मंजू व्यास ने ज्ञानवापी परिसर में मिल रहे अवशेष और साक्ष्यों को संरक्षित करने का आवेदन जिला जज की अदालत में दिया है। इस पर मसाजिद कमेटी ने आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि अभी सर्वे चल रहा है। एएसआई ने ऐसी कोई रिपोर्ट अदालत को नहीं दी है, जिसमें मूर्तियां मिलने की बात कही गई। यह वादी पक्ष की कल्पना है। कई सौ वर्षों से हो रही नमाज को रोकने के उद्देश्य से आवेदन दिया गया है। इसका कोई कानूनी आधार नहीं है। वादी पक्ष का आवेदन खारिज करने योग्य है।
आदि विश्वेश्वर के पूजा मामले में 16 सितंबर को सुनवाई
सिविल जज सीनियर डिवीजन ( फ़ास्ट ट्रैक की कोर्ट) में ज्ञानवापी से जुड़े लार्ड आदि विश्वेश्वर के राग, भोग व पूजा के अनुमति संबंधी वाद पर सोमवार को सुनवाई नहीं हो सकी। अब इस मामले की सुनवाई 16 सितंबर को होगी। वादी शैलेंद्र योगीराज ने अदालत में अर्जी देकर शिवलिंग जैसी आकृति की पूजा की अनुमति मांगी है।
माफिया मुख्तार मामले में कल सुनवाई
वाराणसी। कारोबारी नंद किशोर रूंगटा के अपहरण के बाद परिवार को बम से उड़ाने की धमकी के मामले में 13 सितंबर को सुनवाई होगी। इस मामले में माफिया मुख्तार अंसारी आरोपी है। मामला विशेष न्यायाधीश एमपी एमएलए/एसीजेएम प्रथम उज्ज्वल उपाध्याय की अदालत के विचाराधीन है। अधिवक्ताओं की हड़ताल और शोक सभा की वजह से मामले में सोमवार को बिना सुनवाई के ही अगली तिथि तय कर दी गई। कारोबारी नंद किशोर रूंगटा के भाई महावीर प्रसाद रूंगटा ने भेलूपुर थाने में पांच नवंबर 1997 को धमकी का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद माफिया मुख्तार अंसारी के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किया था। संवाद
हत्या का आरोपी बरी
वाराणसी। युवक की हत्या करके शव को नदी में फेंकने के मामले में विशेष न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) रश्मि नंदा की अदालत ने बघवानाला (भरौटी), जैतपुरा निवासी पारस उर्फ पारू खटीक को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता तनवीर अहमद सिद्धिकी व राजेंद्र प्रसाद श्रीवास्तव ने पक्ष रखा। घटना 28 अगस्त 2001 को हुई थी। संवाद
फौजदारी के अधिवक्ता को दी श्रद्धांजलि
वाराणसी। फौजदारी के वरिष्ठ अधिवक्ता विनय कुमार सेठ उर्फ राजा बाबू के निधन पर सोमवार को फुलकोर्ट रेफरेंस का आयोजन कर बार-बेंच की ओर से श्रद्धांजलि दी गई। जिला जज की अदालत में आयोजित शोक सभा में वक्ताओं ने दिवंगत अधिवक्ता के चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट का मौन रखा और मृत आत्मा की शांति की कामना की।
शोक सभा की अध्यक्षता जनपद न्यायाधीश डाॅ. अजय कृष्ण विश्वेश व संचालन सेंट्रल बार महामंत्री शशिकांत दूबे ने किया। शोक सभा में सेंट्रल बार अध्यक्ष प्रभु नारायण पांडेय, बनारस बार अध्यक्ष रामप्रवेश सिंह, महामंत्री प्रदीप राय, सौरभ श्रीवास्तव, विजय शंकर रस्तोगी, राधेश्याम सिंह, दीनानाथ सिंह, अशोक सिंह प्रिंस आदि रहे। वहीं, दूसरी ओर सेंट्रल व बनारस बार एसोसिएशन ने भी अलग-अलग शोक सभा का आयोजन कर दिवंगत अधिवक्ता को श्रद्धांजलि अर्पित की। संवाद