एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव सहित सात नामजद और 200 अज्ञात लोगों पर धार्मिक भावना आहत करने के मामले में अब दो जून को सुनवाई होगी। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम की अदालत में आवेदनकर्ता ने पुख्ता साक्ष्यों पेश करने के लिए समय मांगा। अदालत ने उनके निवेदन पर दो जून की तारीख तय की है।
ज्ञानवापी परिसर में शिवलिंग मिलने के दावे के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट पंचम की अदालत में सीआरपीसी की धारा 156-3 में आवेदन देकर कहा गया है कि सपा मुखिया अखिलेश यादव और सांसद असदुद्दीन ओवैसी व उनके भाई ने लगातार हिंदुओं के धार्मिक मामलों और स्वयंभू लार्ड विश्वेश्वर के खिलाफ अपमानजनक बातें कीं।
इसमें आरोप लगाया गया कि पूरे मामले की साजिश में अंजुमन इंतजामिया मसाजिद कमेटी, शहर काजी, शहर के उलेमा और 200 अज्ञात ने धार्मिक भावनाओं को आहत करने का प्रयास किया। इसमें धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की मांग की गई है।