Varanasi News: मुकदमे में यूपी सरकार जरिये मुख्य सचिव, जिलाधिकारी, पुलिस कमिश्नर, श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास बोर्ड जरिये मुख्य कार्यपालक अधिकारी और अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी को विपक्षी बनाया गया है।
ज्ञानवापी से जुड़े एक मामले में सिविल जज सीनियर डिवीजन / फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रशांत कुमार सिंह की अदालत ने अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी पर 1000 रुपये जुर्माना लगाया है। कोर्ट ने सख्त लहजे में कहा कि यह स्थगन आवेदन इस शर्त के साथ स्वीकार किया जा रहा है कि अब और कोई स्थगन आवेदन नहीं दिया जाएगा। इससे पहले इसी मामले में अदालत ने मसाजिद कमेटी ने 300 रुपये जुर्माना लगाया था।
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मसाजिद कमेटी की ओर से बार-बार स्थगन प्रार्थना देने पर वादी ने कड़ी आपत्ति की। वादी की तरफ से कहा गया कि प्रकरण में अस्थायी निषेधाज्ञा प्रार्थना पत्र पर आठ सप्ताह में आदेश पारित करने का इलाहाबाद हाइकोर्ट का आदेश है। अदालत ने आदेश दिया कि आठ मई को सुनवाई पूरी कर अदालत अस्थायी निषेधाज्ञा पर सुनवाई करेगी।
प्रकरण के मुताबिक, बजरडीहा के विवेक सोनी और चितईपुर के जयध्वज श्रीवास्तव ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत में 25 मई 2022 को याचिका दाखिल की थी। उनका कहना था कि ज्ञानवापी में नंदीजी की मूर्ति के सामने काशी विश्वनाथ हैं। वहां कूप बनाकर मस्जिद से संबंधित लोगों ने उन्हें ढक दिया। इससे काशी विश्वनाथ के पूजा-पाठ, भोग-प्रसाद, आरती सहित अन्य कार्यों में व्यवधान पड़ रहा है।