सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन गुरुवार को वाराणसी आए। उनका चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्वागत किया गया। उन्होंने कहास कि ज्ञानवापी परसिर में सर्वे चल रहा है। इसकी रिपोर्ट अदालत में जमा होगी, फिर आगे की कार्रवाई की मांग की जाएगी।
वाराणसी के ज्ञानवापी परिसर में 353 वर्षों के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) की टीम सर्वे कर रही है। यह बड़ी उपलब्धि है। सर्वे से सच सामने आएगा। आदि विश्वेश्वर महादेव मिलेंगे, ऐसा विश्वास है। पूजा-अर्चना भी होगी। एएसआई की रिपोर्ट आने के बाद अदालत से आगे की कार्रवाई की मांग करेंगे। यह कहना है ज्ञानवापी मामले के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन का।
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सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता विष्णु शंकर जैन गुरुवार को वाराणसी आए। उनका चांदपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्वागत किया गया। अधिवक्ता ने पत्रकारों से बात भी की और कहा कि कठिन प्रयासों के बाद अभूतपूर्व सफलता मिली है। सर्वे चल रहा है। इसकी रिपोर्ट अदालत में जमा होगी, फिर आगे की कार्रवाई की मांग की जाएगी।
ज्ञानवापी मामले के पैरोकार डॉ. सोहन लाल आर्य ने विष्णु के पिता व वरिष्ठ अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने काशी को विदेशी आक्रांताओं और विद्रोहियों की परछाई से मुक्ति दिलाने का संकल्प लिया है। इस दिशा में कानूनी तरीके से आगे बढ़ रहे हैं। उद्यमी आरके चौधरी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ज्ञानवापी मामले में जो कुछ चल रहा है, उसमें अधिवक्ता हरिशंकर जैन और उनके बेटे विष्णु शंकर जैन का अतुल्य योगदान है। संचालन राजेश भाटिया ने किया। इस दौरान इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के सदस्य उद्यमी माैजूद रहे।
आरके चौधरी राष्ट्रीय अध्यक्ष और राजेश भाटिया महासचिव बने
सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता हरिशंकर जैन ने आरके चौधरी को श्री आदि महादेव काशी धर्मालय मुक्ति न्यास का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया है। राजेश भाटिया काे राष्ट्रीय महासचिव और मनोज मद्धेशिया को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नामित किया है। ।