गुरु पूर्णिमा महोत्सव के उपलक्ष्य में चल रही श्रीराम कथा में सोमवार को पं. सद्भव तिवारी ने कहा कि गुरु देह नहीं, बल्कि एक तत्व है जो मानव को अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाता है। ब्रह्म निर्गुण निराकार होते हुए भी भक्तों के प्रेमवश सगुण स्वरूप धारण करते हैं। यहरामानंद विश्व हितकारिणी परिषद की ओर से गुरुधाम स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर प्रांगण में चल रही कथा में उन्होंने श्रीराम की बाल लीलाओं का वर्णन किया। राजा दशरथ को वेदस्वरूप बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके पुत्र धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष के प्रतीक हैं। मंदिर के सचिव रामभरत शास्त्री ने बताया कि 28 और 29 जुलाई को जगद्गुरु रामानंदाचार्य रामकमलाचार्य वेदांती गुरु पूर्णिमा के महत्व पर प्रवचन देंगे। यह प्रवचन भी गुरुधाम स्थित प्राचीन श्रीराम मंदिर में आयोजित किए जाएंगे।