कथाव्सास गोविंदाचार्य गुप्तेश्वर महाराज ने कहा कि जैसे देश को चलाने ले लिए संविधान बनाया गया है। उसी तरह संसार को चलाने ले लिए भगवान ने संविधान बनाया है। इसलिए हमें ये सोचना चाहिए कि हमारे पूर्व जन्मों के कर्म का भोग हमें इस जन्म में मिलता है। हमारे पापों की ही देन है कि हमें दुश्मन और मित्र, अच्छे और बुरे लोगों का साथ मिलता है। यही संगत हमें उन्नति और अवनति की ओर ले जाती है।
वह बड़ा लालपुर स्थित कॉलेज में चल रहे श्रीरामकथा के दूसरे दिन मंगलवार को प्रवचन दे रहे थे। उन्होंने कहा कि सत्संग से शास्त्रों की बात हम तक पहुंचती है। इसे सुनने से हमारे चित्त के विकार समाप्त होते हैं। मलिन चित्त के कारण ही हमें सत्य का ज्ञान नहीं होता। कॉलेज के चेयरमैन डॉ. अशोक कुमार सिंह और डॉ. अंशु सिंह ने व्यासपीठ को तिलक और पूजन कर आरती उतारी। इस मौके पर प्राचार्य डॉ. इंद्रेशचंद्र सिंह, शैलेश त्रिवेदी, डॉ. अमित सिंह, डॉ. नंदा द्विवेदी आदि रहीं।