घटती बाढ़ भी दे रही बड़े घाव
वाराणसी। गंगा में घटाव की रफ्तार शुक्रवार को तेज हो गई। देर शाम दो सेंटीमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से घटाव शुरू होने से निचली सतह वाली कॉलोनियों और सड़कों से शनिवार तक पानी निकलने की उम्मीद जताई जा रही है। जैसे-जैसे पानी घटना शुरू हुआ है, तो अन्य तरह की मुसीबतें बढ़ने लगी हैं। चौबेपुर में बाढ़ के पानी में डूबने से फिर एक युवक की मौत हो गई। वाराणसी में बाढ़ से अब तक तीन जानें जा चुकी हैं।
उधर, वरुणा के तटीय पुरानापुल इलाके में पर्याप्त राहत सामग्री न मिलने से नाराज बाढ़ पीड़ितों ने रास्ता जाम कर दिया। इस दौरान प्रशासन विरोधी नारे लगाए गए। रात को तेज हवा के साथ हुई जोरदार बारिश ने छतों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ितों का दर्द और बढ़ा दिया है। घरों में फैली गंदगी, दुर्गंध से सैकड़ों लोग बीमार पड़ रहे हैं। रात 12 बजे गंगा का जलस्तर खतरे के निशान से 99 सेंटीमीटर ऊपर 72.25 मीटर रिकॉर्ड किया गया। उधर, घाघरा, गोमती, टोंस, वरुणा, कर्मनाशा आदि के जलस्तर में कमी दर्ज की गई। भदोही को छोड़ सभी जिलों में गंगा अभी भी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।
शुक्रवार को फाफामऊ से लेकर इलाहाबाद, सीतामढ़ी, मिर्जापुर तक गंगा में घटाव जारी रहा। केंद्रीय जल आयोग के विशेषज्ञों का कहना है कि अब मुख्य धारा के अलावा सहायक नदियों से बड़ी जलराशि आने की उम्मीद नहीं है। अगर घटाव की रफ्तार इसी तरह बनी रही तो शहरी इलाके जल्द ही जलभराव से मुक्त हो जाएंगे। इस बीच चौबेपुर के छितौना गांव में बाढ़ के पानी में डूबने से एक युवक की मौत हो गई। नाव न मिलने की वजह से गोलू (22) तैर कर रास्ता पार कर रहा था।
उधर, राहत सामग्री न मिलने से नाराज वरुणा के तटीय पुराना पुल के नागरिकों ने रास्ता जाम कर विरोध जताया। रमना में उल्टी-दस्त की शिकायत पर डीएम के निर्देश के बावजूद रमना स्वास्थ केंद्र का ताला नहीं खुल सका। इससे लोगों में जबरदस्त नाराजगी है। गंगा में घटाव होने से हरिश्चंद्र घाट तिराहे और गली में लगा पानी दोपहर बाद निकल गया। इस सड़क पर अब आवाजाही सामान्य हो गई है।
उधर, बीएचयू ट्रॉमा सेंटर प्रवेश द्वार से भी बाढ़ का पानी खिसक गया है। दशाश्वमेध के साइकिल स्टैंड और मछली मार्केट के हिस्से से भी पानी निकल गया है लेकिन गंदगी से दिक्कतें बढ़ गई हैं।कीटनाशकों के छिड़काव के साथ सफाई नहीं कराई गई तो बीमारी फैल सकती है। पीएम नरेंद्र मोदी के भरोसेमंद यूपी के भाजपा सह प्रभारी सुनील ओझा ने दोपहर बाद प्रभावित इलाके का दौरा किया और कार्यकर्ताओं को हिदायत दी कि पीड़ितों को राहत पहुंचाने कोताही न बरती जाए।
बलिया में गंगा और घाघरा में घटाव के बाद भी एनएच 31 पर करीब आधा दर्जन जगहों पर पानी का दबाव बना हुआ है। नरहीं के बैरिया में एनएच पर पानी करीब एक किलोमीटर दूरी तक बह रहा था। लालगंज क्षेत्र के शिवपुर घाट पर बना शवदाह गृह कटान की जद में आकर बह गया। जबकि शिवपुर कपूर दियर के स्कूल की चारदीवारी ढह गई। गाजीपुर में बाढ़ की स्थिति नाजुक बनी हुई है। करीब तीन लाख की आबादी बाढ़ में घिरी है। 332 गांवों के हजारों घरों में पानी घुस गया है।
मंडलायुक्त रमेश नितिन गोकर्ण की देखरेख में विभिन्न इलाकों में हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री गिराई गई। चंदौली में गंगा के साथ कर्मनाशा भी घटी है। वाराणसी मुगलसराय (जीटी रोड)से पानी हट गया है। नदी के घटाव के बाद भी राहत शिविरों में कुछ नए लोग पहुंचे। जिलाधिकारी कुमार प्रशांत ने बाढ़ से घिरे गांव में ब्लीचिंग पाउडर के छिड़काव सहित मेडिकल टीम को सतर्कता बरतने का निर्देश दिया है। भदोही जिले में हाईवे और सड़कों पर पानी नीचे उतर गया है। तीन दिन से बंद औराई-मिर्जापुर मार्ग पर वाहनों का संचालन शुरू हो गया है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में बीमारियों ने भी पांव फैला दिया है।