पहाड़ों पर हो रही बरसात के कारण गंगा के जलस्तर में एक बार फिर से बढ़ोतरी होने लगी है। केंद्रीय जल आयोग (सीडब्लूसी) के अनुसार वाराणसी में गंगा का जलस्तर दो सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ता जा रहा है। इससे जिला प्रशासन भी सतर्क हो गया है। पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश से वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बढ़ाव तेज हो गया है।
सीडब्लूसी के मुताबिक, गंगा सुबह 11 बजे 66.38 मीटर पर बह रही थी। जबकि चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर है। बीते तीन दिन से जलस्तर में ठहरामव बना हुआ था। अभी भी बनारस में कई घाटों का आपसी संपर्क टूटा हुआ है। बाढ़ की दुश्वारियां झेलने के बाद फिर से बनारस में जलस्तर बढ़ने का खतरा मंडराने लगा है। तटवर्ती इलाकों में रहने वाले एक बार फिर चिंतित हैं। वहीं जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
सभी बाढ़ चौकियों के साथ ही साथ एनडीआरएफ, पीएसी और जल पुलिस के जवान अलर्ट मोड में हैं। सीडब्ल्यूसी की मानें तो आने वाले 24 घंटों में बनारस में भी गंगा के जलस्तर में और बढ़ोत्तरी दर्ज की जा सकती है। बता दें कि एक माह पूर्व पहाड़ों पर हुई बारिश की वजह से गंगा में बाढ़ आ गई थी।
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उफनाती गंगा के तटवर्ती गांवों तक पहुंचने से लोगों को बाढ़ राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। हालांकि यह अधिक दिन नही चला और अधिक तबाही नहीं हुई। इसके बाद से लगातार गंगा का जल स्तर नीचे जाने लगा। बाढ़ के बाद गंगा का जल स्तर कम होने से तटवर्ती इलाकों में कटान की समस्या तेज हो गई थी।