गंगा का जलस्तर बढ़ने से अब बरुणा नदी में भी बढ़ाव शुरू हो गया है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वालों की धुकधुकी बढ़ गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा का जलस्तर शुक्रवार की शाम 61.26 मीटर दर्ज किया गया। 10 मिलीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। जलस्तर अभी चेतावनी बिंदु से नौ मीटर नीचे है। शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे गंगा का जलस्तर 61.24 मीटर दर्ज किया गया और जलस्तर में ठहराव हो गया था। इसके बाद शाम को पांच बजे से गंगा के जलस्तर में एक सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव फिर शुरू हो गया। पर्वतीय और मैदानी इलाकों में भारी बारिश के चलते ही गंगा के जलस्तर में तेजी से वृद्धि हो रही है। अस्सी से नमोघाट के बीच की निचली सीढि़यां और मढि़यां पूरी तरह से पानी में डूब चुकी हैं। ललिता घाट पर लगी जेटी भी पानी में डूब गई है। एहतियात के तौर पर तटवर्ती इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। उधर प्रयागराज व फाफामऊ में गंगा के जलस्तर में गिरावट शुरू होने से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। मिर्जापुर में भी 14 घंटे में दो सेंटीमीटर पानी बढ़ा। गंगा में जलस्तर वृद्धि को देखते हुए प्रशासन अलर्ट हो गया है। दशाश्वमेध व शीतला घाट पर कांवरियों की भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग कराई गई है।