इलाहाबाद से हल्दिया तक गंगा में जल परिवहन की मोदी सरकार की योजना जल्द ही रफ्तार पकड़ेगी। अब कछुआ सेंचुरी जल परिवहन के आड़े नहीं आएगी। इसके सर्वे और अध्ययन के लिए गठित एक्सपर्ट कमेटी ने चार सुझावों के साथ कछुआ सेंचुरी में जल परिवहन पर अपनी मुहर लगा दी है। साथ ही, अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप दी है। जल्द ही शासन से इस पर हरी झंडी मिलने की उम्मीद है।
इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई) ने एक्सपर्ट कमेटी के सुझावों पर अपनी सहमति जताते हुए प्रदेश सरकार की स्वीकृति के बाद योजना को गति देने की तैयारी की है। जल मार्ग-1 (गंगा, भागीरथी, हुगली) में इलाहाबाद से वाराणसी, पटना होते हुए हल्दिया तक जल परिवहन के लिए जरूरी संसाधनों का विकास कराया जा रहा है। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को छह साल में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
इस योजना पर लगभग 42सौ करोड़ रुपये खर्च होंगे। पिछले दो साल से इस प्रोजेक्ट में सबसे बड़ा रोड़ा कछुआ सेंचुरी बना हुआ है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में लखनऊ में हुई बैठक में आईडब्ल्यूएआई के अधिकारी भी मौजूद थे। तय हुआ कि कछुआ सेंचुरी को लेकर पहले किसी विश्वसनीय संस्था से सर्वे कराया जाएगा और उसकी रिपोर्ट के आधार पर फैसला होगा। इसके लिए एक्सपर्ट कमेटी गठित की गई।
कमेटी में देहरादून वाइल्ड लाइफ रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञ भी शामिल थे। हाल ही में कमेटी ने अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को सौंप दी है। इस बाबत कमेटी ने चार सुझाव भी दिए हैं, जिसे आईडब्ल्यूएआई के अधिकारियों ने स्वीकार कर लिया है।