वाराणसी। गंगा के जलस्तर में बढ़ाव तेज हो गया है। गंगा की रफ्तार यही रही तो अस्सी से लेकर राजघाट तक कई घाटों का संपर्क भी समाप्त हो जाएगा। जलस्तर बढने के कारण मणिकर्णिका घाट पर होने वाले शवदाह स्थल को बदल दिया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रात 8 बजे गंगा का जलस्तर 61.62 मीटर दर्ज किया गया। 36 घंटे में गंगा के जलस्तर में 21 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी हुई है। शुक्रवार को गंगा का जलस्तर बढने से कई घाटों की सीढिय़ां और मढिय़ां जलमग्न हो गए हैं। कई छोटे मंदिर भी डूब गए हैं। मणिकर्णिका घाट पर घाट किनारे होने वाले शवदाह की जगह बदल दी गई है। नीचे की सीढिय़ां और प्लेटफार्म डूबने के कारण दाह संस्कार करने वालों की परेशानियां बढ़ गई हैं। जगह की कमी के चलते लोगों को इतंजार करना पड़ रहा है। बात करें पिछले चौबीस घंटे के जलस्तर की तो शुक्रवार की सुबह गंगा का जलस्तर 61.57 मीटर पर स्थिर था। दोपहर बाद गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी शुरू हुई और इसमें रात आठ बजे तक पांच सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। बृहस्पतिवार की सुबह 8 बजे गंगा का जलस्तर 61.41 मीटर था। गंगा के जलस्तर में दो घंटा प्रतिसेंटीमीटर की रफ्तार से बढ़ाव हो रहा है। जलस्तर में वृद्धि का कारण पहाड़ों केसाथ ही गंगा व यमुना के बेसिन में होने वाली बरसात है। प्रयागराज और मिर्जापुर में भी गंगा बढ़ाव पर है। गंगा के बढ़ते जलस्तर से वरुणा भी बढ़ाव पर है और इससे तटवर्ती लोगों की चिंताएं बढ़ गई हैं।