स्थानीय बाजार में किराये के मकान में रहकर एक फाइनेंस कंपनी में काम करने वाली चार महिलाएं कोयले की अंगीठी के धुएं से बेहोश हो गईं। अर्धचेतना की हालत में बाहर आई एक महिला के शोर मचाने पर मकान मालिक की नींद खुली तो चारों को अस्पताल ले जाया गया।
चौबेपुर बाजार निवासी विजय सिंह के किराये के मकान में रहकर अखरी बाईपास की सावित्री सिंह, जाल्हूपुर की चंचल, जौनपुर की रेशमा और गाजीपुर के शादियाबाद की खुशबू एक फाइनेंस कंपनी के लिए काम करती हैं। बुधवार की रात कोयले की अंगीठी जलाकर कमरे में रखकर दरवाजा बंद कर चारों महिलाएं सो गईं। रात दो बजे के बाद चंचल को होश आया तो किसी तरह से वह दरवाजा खोली। सांस लेने में दिक्कत होने पर वह अपनी तीनों साथियों को जगाने लगी। किसी की आंख नहीं खुली तो चंचल शोर मचाई। शोर सुन कर मकान मालिक की नींद खुली तो सभी को अस्पताल ले जाया गया। उपचार करने वाले डॉ. एके पांडेय ने बताया कि बंद कमरे में कोयले की अंगीठी जल रही थी। कार्बन मोनोऑक्साइड के कारण महिलाओं की हालत नाजुक हो गई थी। चारों को ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया है और उनकी हालत खतरे से बाहर है।