कंदवा। क्षेत्र के अदसड़ गांव में बुधवार की रात अज्ञात कारणों से लगी आग से तीन भाइयों और चचेरे भाई की झोपड़ी सहित कुल चार झोपड़ियां जलकर राख हो गईं। गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। आग से झुलस कर बकरी के बच्चे की मौत हो गई।
पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे आने के साथ ही दाने दाने को मोहताज हो गया है। पीड़ित परिवार के लोगों के पास वही वस्त्र बचे हैं जो उन्होंने पहन रखे थे।गांव में लल्लन, पखंडू, गुड्डू और चचेरे भाई प्रकाश वनवासी का परिवार झोपड़ियां लगाकर गुजर-बसर करता है। बुधवार की रात अज्ञात कारणों से लल्लन की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। मौके पर पहुंचे लोग जब तक आग पर काबू पाते तब-तक चारों भाइयों की झोपड़ियों को अपने चपेट में ले लिया। आग से झोपड़ियों में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। वहीं पखंडू की झोपड़ी में बंधा बकरी का बच्चा भी आग में झुलस कर मर गया। आग की तपन इतनी ज्यादा थी कि झोपड़ी में रखे बर्तन तक पिघल गए। ग्राम प्रधान किरन सिंह और समाजसेवी नीरज सिंह आटू ने जिला प्रशासन से पीड़ितों को आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग की है।