माई सिटी रिपोर्टरवाराणसी। विशेष एमपी/एलए अदालत ने पूर्व सांसद जवाहर और विजय जायसवाल को 21 अगस्त को व्यक्तिगत रूप से न्यायालय में उपस्थित होने का अंतिम आदेश दिया है। मामला 2011 का है, जब वादी माता प्रसाद मिश्रा ने थाना कैंट, वाराणसी में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने जांच के बाद जवाहर जायसवाल सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया था। आरोपियों की ओर से दाखिल प्रार्थना पत्र को खारिज कर न्यायालय ने पूर्व में सभी धाराओं में उपस्थित होने का आदेश दिया था। हालांकि, बाद में अवर न्यायालय ने जवाहर और विजय के विरुद्ध केवल साजिशकर्ता और न्यूनतम मजदूरी अधिनियम के तहत ही आरोप तय किए गए। अवर न्यायालय के इस फैसले को वादी माता प्रसाद मिश्रा ने सत्र न्यायालय में क्रिमिनल निगरानी याचिका के जरिए चुनौती दी, जहां फैसला वादी के पक्ष में आया। सत्र न्यायालय के आदेश के क्रम में एमपी/एलए कोर्ट वाराणसी ने आरोपियों को आरोप तय कराने के लिए पूर्व में 4 अगस्त और 18 अगस्त की तिथियां तय की थीं। हालांकि, दोनों तिथियों पर आरोपियों के उपस्थित न होने पर न्यायालय ने कड़ा रुख अपनाया और अब 21 अगस्त को दोनों आरोपियों की व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य कर दी है।