रवि पुष्य नक्षत्र में स्वर्ण मंडित गर्भगृह में बाबा खाटू श्याम का स्वर्ण शृंगार किया गया। काशी के तीसरे स्वर्ण मंदिर में रविवार को बाबा श्याम का स्वर्ण महोत्सव मनाया गया। लक्सा स्थित खाटू श्याम मंदिर में श्याम मंडल की ओर से श्याम प्रभु को रत्नजड़ित स्वर्ण आभूषण अर्पित किए गए। भक्तों ने पहली बार स्वर्ण मंडित गर्भगृह में बाबा के स्वर्ण शृंगार के दर्शन किए।
स्वर्ण महोत्सव की शुरुआत सुबह 9 बजे आचार्य के वेंकट रमन घनपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने चारों वेद के स्वस्तिवाचन से की। अमृत कलश पूजन के बाद षोडशोपचार विधि से नवनिर्मित रत्न जड़ित स्वर्ण आभूषणों का पूजन किया गया। दक्षिण भारत के वैदिक ब्राह्मणों ने नवनिर्मित रत्न जड़ित स्वर्ण आभूषण मुकुट, किरण, कुंडल, कंठहार, छत्र का दही, घी, शहद, गंगाजल, आमरस, ईख रस, केसर मिश्रित जल से पुरुष सूक्त के मंत्रों से अभिषेक किया। यजमान श्याम मंडल के अध्यक्ष दीपक बजाज व पत्नी उमा बजाज ने सभी दानदाताओं के प्रतिनिधि के रूप में सर्वजन हिताय सर्व जन सुखाय की कामना का संकल्प लेकर अभिषेक प्रारंभ किया। इसके बाद सभी भक्तजनों ने बारी बारी से सभी आभूषणों का अभिषेक करके पुण्य अर्जन किया। इस दौरान अजय खेमका, शांति देवी रुंगटा, उमाशंकर पोद्दार, बैजनाथ भालोटिया, राजेश तुलस्यान, उमाशंकर अग्रवाल, श्याम सुंदर अग्रवाल, मच्छोदरी, भगवती प्रसाद अग्रवाल मुन्ना, सुरेश तुलस्यान, नवीन रुंगटा उपस्थित रहे।
कोलकाता के फूलों से हुआ शृंगार
शाम पांच बजे बाबा श्याम का शृंगार कोलकाता से मंगाए गए रंग बिरंगे फूलों से किया गया। नवनिर्मित आभूषणों से सजे-धजे बाबा श्याम प्रभु का दर्शन कर भक्तों ने उनका आशीर्वाद लिया। प्रभु को सवामणि का भोग लगाया गया। स्थानीय कलाकारों ने सुमधुर भजन पेश किए। रात्रि में मंदिर के प्रधान पुजारी संजय पुजारी ने प्रभु की आरती उतारी।