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महिला सुरक्षा के लिए ‘सिटीजन कॉप’ एप लांच

Wed, 09 Mar 2016 02:11 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला वाराणसी
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‘सिटीजन कॉप’ एप
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पुलिस से शिकायत करनी हो, किसी आपराधिक घटना की जानकारी देनी हो, संकट के समय मदद चाहिए या फिर देर रात शहर में अकेले आते-जाते समय अपना सफर सुरक्षित रखना हो... यह सब अब बेहद आसानी से संभव हो सकेगा ‘सिटीजन कॉप (CITIZEN COP)’ मोबाइल एप्लीकेशन की मदद से। मंगलवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस एप को वाराणसी की महिलाओं की सुरक्षा, सुविधा और सशक्तीकरण के लिए पुलिस लाइन में एसएसपी आकाश कुलहरि ने लांच किया। झांसी और नोएडा के बाद बनारस सूबे का ऐसा तीसरा शहर है, जहां यह एप लांच किया गया है।
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महिलाओं के लिए खास तौर से लांच किए गए सिटीजन कॉप एप से उन्हें सुरक्षा के साथ ही कई सहूलियतें उपलब्ध कराएगा। सिटीजन कॉप एप डाउनलोड करने के बाद इसके ‘घटना की सूचना दें’ कॉलम से कोई भी किसी घटना की लिखित सूचना, फोटो, आडियो या वीडियो भेज सकता है। इसके लिए जरूरी नहीं कि सूचना देने वाला अपनी पहचान सार्वजनिक करे। ‘मेरी मदद करो’ कॉलम में अपने चार करीबियों का नंबर सुरक्षित कर सकते हैं।   यह अंग्रेजी और हिंदी दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। वहीं एसएसपी कुलहरि ने बताया कि इंटरनेट और जीपीएस सिस्टम पर आधारित यह एप आमजन को पुलिस मित्र बनाता है। गूगल प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर से इसे डाउनलोड किया जा सकता है। यह पूरी तरह से नि:शुल्क है। इंटरनेट के सहारे जैसे आप वाट्सएप और दूसरे एप चलाते हैं वैसे ही ये भी है। डाउनलोड करने के बाद आपको देश, प्रदेश और शहर का चयन कर उसे सुरक्षित करना होगा। क्या कर सकते हैं आमजनःघरेलू हिंसा, छेड़खानी, फोन पर छेड़छाड़, यौन उत्पीड़न (घर, कार्यालय या कहीं भी), दहेज प्रताड़ना, मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना, हत्या, हत्या का प्रयास, लड़ाई-झगड़ा, चोरी, किडनैप, नकबजनी, तस्करी, गोकशी, बच्चा चोरी, किसी भी तरह का भ्रष्टाचार, नगर निगम की शिकायत, बिना हेलमेट या तीन सवारी दो पहिया वाहन, गलत पार्किंग, तेज रफ्तार गाड़ी, गलत नंबर प्लेट, काली फिल्म, हूटर आदि की सूचना, फोटो व आडियो-वीडियो रिकार्डिंग भेजी जा सकती है।
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किसी भी संकट के समय एक क्लिक करने पर पुलिस के साथ ही उन चार करीबियों को भी संदेश जाएगा। साथ ही, रात में यदि आप किसी ऑटो या कार में अकेले जा रहे हैं तो ‘ट्रेवल सेफ’ कॉलम में गाड़ी नंबर और कहां से कहां जा रहे हैं, इसकी जानकारी अपने घर वालों को दे सकते हैं। इसके अलावा इस एप में पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों के नंबर, आपातकालीन सेवा मुहैया कराने वाले नंबर की सूची है। किसी भी शिकायत पर क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी दी जाएगी। जबकि, सामान खोने,चोरी होने की शिकायत, ऑटो किराया गणनी संबंधी सूचना जल्द एप में अपडेट की जाएगी। इस मौके पर एसपी (ग्रामीण) आशीष तिवारी, प्रशिक्षु आईपीएस मणिलाल पाटीदार, प्रशिक्षु डीएसपी श्वेता तिवारी भी मौजूद रहीं।
 
एप के ‘आपके वर्तमान स्थल के आसपास की जानकारी’ कॉलम से पुलिस स्टेशन, बस स्टॉप, बैंक, एटीएम, अस्पताल, डॉक्टर, फिल्म थिएटर और रेस्टोरेंट की जानकारी मिल सकेगी। साथ ही, ‘मेरा करीब समूह’ कॉलम से कोई ग्रुप बना सकते हैं या किसी ग्रुप को ज्वाइन कर सकते हैं।
 
स्कूल और कॉलेज जाने वाले लड़के और लड़कियों के अभिभावक चिंतित रहते हैं कि कहीं उनका बच्चा स्कूल-कॉलेज छोड़कर अन्यत्र न घूम रहा हो। अमूमन सभी के पास स्मार्ट फोन रहता ही है। अपने बच्चे के मोबाइल में इस एप की मदद से इसके ई-लक्ष्मण रेखा कॉलम में जाकर गूगल मैप पर एक निश्चित इलाके को रेखांकित किया जा सकता है। उसके बाहर के दायरे में जैसे ही बच्चा जाएगा उसकी लोकेशन और एलर्ट एसएमएस मिल जाएगा।
 
सिटीजन कॉप एप के निर्माता राकेश जैन ने बताया कि ‘मेरी मदद करो’ कॉलम बिना इंटरनेट कनेक्शन के भी काम करेगा। वहीं, इस एप में यह सुविधा है कि फोन को तीन बार जोर से हिलाने, पॉवर बटन को तीन बार दबाने या ईयरफोन की लीड को अचानक खींच देने पर एमएमएस भेजने का बटन आएगा। जिसे दबाते ही आपके चाहने वालों तथा पुलिस को आपकी मदद की गुहार लगाने वाला एसएमएस लोकेशन के साथ पहुंच जाएगा।

  एसएसपी ने कहा कि इस एप की मदद से सूचनाएं कंट्रोल रूम पहुंचेंगी। गूगल मैप की मदद से तत्काल उस क्षेत्र की पुलिस को कार्रवाई का निर्देश प्राप्त होगा। कहा कि इस एप का कई शरारती तत्व दुरुपयोग भी कर सकते हैं। ऐसे में उन सभी से कड़ाई से पेश आने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे लोगों को तत्काल चिह्नित कर उनके खिलाफ निरोधात्मक कार्रवाई की जाएगी। 
 
इस एप को इंदौर के राकेश जैन ने तैयार किया है। वर्तमान में यह एप मध्य प्रदेश के 20 शहरों, छत्तीसगढ़ के रायपुर, बंगलूरू, नवी मुंबई के साथ ही दुनिया के कई देशों में काम कर रहा है। मंगलवार को पुलिस लाइन में मौजूद राकेश ने बताया कि पुलिस हर जगह मौजूद नहीं रहती है। जनसंख्या के हिसाब से हमारी पुलिस भी बहुत कम है। ऐसे में सिस्टम को कोसने की बजाय हम पुलिस की मदद करें तो कई समस्याओें का हल आसानी से निकल आएगा। यह एप बेहद उपयोगी साबित होगा। महिलाओं के साथ ही हर स्मार्ट फोन यूजर इस एप का इस्तेमाल कर सकता है। 
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