खेल की शुरुआत एंफीथियेटर से हुई
ललई सिंह ने बताया कि बताया कि फुटबॉल खेलने की शुरुआत 20 साल पहले एंफीथियेटर से हुई। बरेका से लेकर शहर के अलग-अलग हिस्सों से फुटबॉल के जाने माने खिलाड़ी आने लगे। छह सात साल में टीम रोज आने लगी और खिलाड़ियों की संख्या भी बढ़ गई। एक समस्या थी कि रविवार को मैदान बंद रहता था।
रोज दो घंटे करते हैं अभ्यास
मूलरूप से चंदौली के बबूरी निवासी ललई सिंह ने बताया कि रोज दो घंटे मैदान पर अभ्यास करते हैं। 45 मिनट वार्मअप के बाद टीम खेलने उतरती है। मैच में एक-एक गोल के लिए खिलाड़ी संघर्ष करते हैं। कई बार गोल के लिए गर्मागर्मी हो जाती है, लेकिन अगले ही पल सब खेलने पर फोकस करते हैं।
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फुटबॉल दुनिया में सर्वाधिक देशों में खेला जाता है। राष्ट्रीय फुटबॉल में वाराणसी ने सर्वाधिक खिलाड़ी दिए हैं। यहां फुटबॉल तेजी से उभर रहा है। बेनिया बाग मैदान में पाकिस्तानी टीम आ चुकी है। - राना अनवर सदस्य यूपी फुटबॉल संघ।