बैरिया। जनपद में जल्द फूड प्रोसेसिंग पार्क की स्थापना की जाएगी। इसके लिए केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्रालय की ओर से स्वीकृति दे दी गई है। लगभग 50 करोड़ की लागत से तैयार होने वाले इस पार्क में फलों और सब्जियों की प्रोसेसिंग कर उनका देश और देश के बाहर भी निर्यात किया जा सकेगा।
फूड प्रोसेसिंग पार्क के लिए सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने केंद्र सरकार से आग्रह किया था। स्वीकृति की जानकारी केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री पशुपति कुमार पारस ने सांसद को दी है। बैरिया क्षेत्र में खाद्य प्रसंस्करण इकाई के स्थापित हो जाने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। इस केंद्र के माध्यम से फल, सब्जी व अन्य कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग कर यूरोपीय और खाड़ी देशों में भेजा जा सकेगा।
सांसद ने बताया कि उक्त खाद्य प्रसंस्करण इकाई बैरिया विधानसभा क्षेत्र में स्थापित की जाएगी। शुरुआती दिनों में प्रतिदिन 10 टन हरी सब्जियां और मिर्च खाड़ी के देशों और यूरोपीय देशों में भेजा जाएगा। सांसद ने बताया कि यह खाद्य प्रसंस्करण इकाई पीपीई मॉडल में खुलेगा। इसकी मंजूरी आप्रेशन ग्रीन योजना के तहत प्राप्त हुई है। सांसद ने स्पष्ट किया कि जल्द ही उक्त खाद्य प्रसंस्करण इकाई की स्थापना का कार्य शुरू हो जाएगा।
किसानों को मिलेगी उत्पाद का सही दाम
बैरिया। फूड प्रोसेसिंग यूनिट का लाभ बलिया के साथ ही गाजीपुर के किसानों को होगा। किसान मेहनत त्याग और परिश्रम से उपज पैदा करते हैं। गाजीपुर के करइल और द्वाबा के संगम में जो सब्जी, फल किसान उत्पादन करते हैं, उसका सही पैसा मिलेगा। प्रोसेसिंग यूनिट नहीं होने से 40 फीसद कच्चे फल और सब्जी बर्बाद होती है। कोल्ड चेन के अभाव में उसको बचा नहीं पाते थे। फूड पार्क में स्थापित कोल्ड चेन से किसानों का उत्पाद सुरक्षित रहेगा। यातायात की सुगमता के बाद आने वाले दिनों में जनपद की पहचान एग्रो व्यापार के हब के रूप में जाना जाएगा।