काशी से काबा की उड़ानें 21 मई से शुरू हो रही हैं। लेकिन, अब तक अस्थायी हज हाउस नहीं बन पाया है। जिला प्रशासन अभी हज हाउस के लिए स्थान चिह्नित नहीं कर पाया है।
कई साल से चौकाघाट स्थित सांस्कृतिक संकुल ही अस्थायी हज हाउस बनता रहा है। दो साल कोरोना की वजह से वाराणसी इंबार्केशन से उड़ानें बंद थीं। इस बार उड़ानें फिर से शुरू हुई हैं। लेकिन, इस बार सांस्कृतिक संकुल के महंगे किराये की वजह से जिला अल्पसंख्यक विभाग पीछे हट गया। जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी संजय मिश्रा ने बताया कि अस्थायी हज हाउस के लिए कचहरी स्थित जेपी मेहता इंटर कॉलेज का चयन किया गया है। लेकिन, अभी जिलाधिकारी की मंजूरी नहीं मिली है। मंजूरी मिलने के बाद ही अस्थायी हज हाउस बनना शुरू होगा।