महानाट्य तुलसीदास का मंचन बनारस में पहली बार होगा। चार जून को होने वाले महानाट्य में गोस्वामी तुलसीदास की जीवन यात्रा रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर के मंच पर जीवंत होगी। काशी की जनता रामबोला से तुलसीदास बनने की यात्रा की साक्षी बनेगी। उक्त जानकारी रविवार को मलदहिया पर दिव्य प्रेम सेवा मिशन काशी अंचल के संयोजक डॉ. नंदलाल, राहुल सिंह व श्रीप्रकाश ने प्रेसवार्ता में दी।
संयोजक डॉ. नंदलाल ने बताया कि शेखन सेन कृत महानाट्य दिव्य प्रेम सेवा मिशन के सेवा प्रकल्पों को समर्पित है। गोस्वामी तुलसीदास का आशी से अटूट संबंध है। वर्तमान परिदृश्य को ध्यान में रखते हुए भारत में इस महानाट्य का मंचन प्रासंगिक एवं अत्यंत आवश्यक है। इस महानाट्य में गोस्वामी तुलसीदास के जीवनकाल का सजीव चित्रण किया गया है।
महानाट्य मंचन से काशी अंचल के वासियों में आध्यात्मिकता, सांस्कृतिक एवं सामाजिक नवचेतना का संचार होगा। संगीत और अभिनय की जुगलबंदी के माध्यम से नाटक की भावपूर्ण प्रस्तुति होगी। बाल्यकाल से लेकर रामबोला और उसके बाद तुलसी नाम पड़ने का कारण, राम को 14 वर्ष वनवास का कारण, पत्नी रत्नावली से मिले ज्ञान समेत मानस रचना के प्रसंगों को काशी की जनता सजीव होते हुए देखेगी।