बीएचयू अस्पताल में इमरजेंसी वार्ड का जीर्णोद्धार का काम एक साल की देरी के साथ किसी तरह पूरा हो गया है, मगर अब यहां बिजली आपूर्ति की दरकार है। यहां लगे उपकरणों के चलाए जाने के लिए नया ट्रांसफार्मर लगना है। इसके लिए अभी तार लगाया जा रहा है। ऐसे में अभी यहां इलाज शुरू होने में काफी वक्त लग सकता है। बीएचयू अस्पताल के चिकित्साअधीक्षक प्रो. केके गुप्ता ने बताया कि इमरजेंसी का कायाकल्प कराने वाली संस्था ने जुलाई 2022 तक ही काम पूरा करने की तिथि बताई। इसके बाद भी काम अधूरा रह गया। अब तक चार बार काम पूरा होने की तिथि बढ़ाई गई। मरीजों को भर्ती करने संबंधी तैयारियां पूरी हैं। बस बिजली आपूर्ति के लिए ट्रांसफार्मर लगाए जाने के साथ ही तार लगना बाकी है। इसके बाद नए सिरे से इमरजेंसी का संचालन होगा। अस्पताल में पहले से चलने वाली इमरजेंसी का कायाकल्प कराने के उद्देश्य से उसे सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में शिफ्ट किया गया है। नवंबर 2021 से सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक में ही इमरजेंसी चल रही है। यहां कहने को तो वार्ड में 100 बेड हैं और भूतल पर 20 बेड पर मरीजों के इलाज की व्यवस्था है, लेकिन इमरजेंसी जैसी सुविधा मरीजों को नहीं मिल पाती है। अब पुरानी जगह पर इमरजेंसी वार्ड में बेड और गैस पाइप लाइन लगवाई जा रही है।