वाराणसी। वृद्ध महिला से धोखाधड़ी कर लाखों रुपये, जेवर और डुप्लेक्स फ्लैट हड़पने के आरोप में पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिहार के कैमूर निवासी कृष्ण कुमार सिंह ने पुलिस को तहरीर में आरोप लगाया है कि उनकी बुआ स्व. कांती देवी सिगरा में रहती थीं। ड्राइवर अभिषेक सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके साथ धोखा किया। वृद्धावस्था और कमजोर नजर का फायदा उठाकर अभिषेक सिंह ने पत्नी दीक्षा सिंह के साथ साजिश रच कांती देवी से चेक और सादे स्टांप पेपर पर हस्ताक्षर करा लिए। आरोप है कि रमदत्तपुर सारनाथ में डुप्लेक्स मकान खरीदने के नाम पर करीब 38 लाख रुपये चेक के माध्यम से ले लिए गए, लेकिन रजिस्ट्री में कूटरचना कर क्रेता की जगह दीक्षा सिंह का नाम दर्ज करा दिया गया। अभिषेक सिंह और उसका भाई रवि प्रताप सिंह गवाह बने। जांच में यह भी सामने आया कि अलग-अलग तिथियों में करीब 28 लाख रुपये अतिरिक्त खाते से ट्रांसफर कराए गए। पीड़ित का आरोप है कि पैसे और संपत्ति वापस मांगने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी। 9 जनवरी 2025 को कांती देवी की मृत्यु हो गई। 11 जनवरी को घर के लॉकर से 15-20 लाख रुपये के जेवर भी गायब मिले। थाना प्रभारी शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि अभिषेक सिंह, दीक्षा सिंह, रवि प्रताप सिंह, स्वप्निल चौबे और इंद्रजीत सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। संवाद