हरतालिका तीज पर महिलाएं सौभाग्य की कामना से उमा महेश्वर के स्वरूप का पूजन करेंगे। 18 सितंबर को तीज के साथ ही ढेला चौथ मनाई जाएगी। इसके साथ ही 19 सितंबर को ऋषि पंचमी का व्रत होगा। इसके साथ ही लोलार्क कुंड पर संतान प्राप्ति की कामना से 21 सितंबर को लोलार्क कुंड में स्नान का आयोजन होगा। 22 को राधाष्टमी के साथ लक्ष्मीकुंड पर लगने वाले सोरहिया मेले की शुरुआत हो जाएगी। इसमें लक्ष्मीकुंड पर मेला लगता है और लोग नियम से 16 दिन लक्ष्मी जी का दर्शन करने जाते हैं और अनूठी लक्ष्मी प्रतिमाएं खरीदते हैं। यह राधा जी का जन्म दिन भी है। भाद्रप्रद पूर्णिमा पर 29 सितंबर से पितृपक्ष की शुरुआत होगी।
28 सितंबर को चतुर्दशी को भगवान अनंत का व्रत होगा। इस दिन भुजा पर अनंत का धागा बांधते हैं और शेष भगवान की पूजा करते हैं। इसके साथ ही वाराणसी की प्रमुख रामलीला आरंभ हो जाएगी। अनंत चतुर्दशी को रंभाव्रत और कदली व्रत का भी दिन है। कहा जाता है कि इसी दिन द्रौपदी-चीरहरण हुआ था और भगवान ने अपना लीला दिखाई थी।
एक सितंबर को कजरी तीज, तीन सितंबर को बहुला चतुर्थी, 10 सितंबर को अजा एकादशी, 12 सिंतबर को प्रदोष व्रत, 13 सितंबर को मासिक शिवरात्रि, 14 सितंबर को भाद्रपद अमावस्या, 17 सितंबर को विश्वकर्मा पूजा, कन्या संक्रांति (सूर्य का कन्या राशि में प्रवेश), 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी, 20 सितंबर को ऋषि पंचमी, स्कंद षष्ठी मनाई जाएगी।
19 सितंबर से आरंभ होगा पर्युषण पर्व
जैन बंधुओं का दस दिन का पर्युषण व्रत भी 19 दिसंबर से आरंभ होगा। दिगंबर जैन समाज का 19 सितंबर से 28 सितंबर तक दस लक्षण महापर्व मनाएगा।
गणेश उत्सव की शुरुआत 19 सितंबर को गणेश चतुर्थी से होगी। इसकी समाप्ति 28 सितंबर को अनंत चतुर्थी पर होगी। आखिरी दिन बप्पा की मूर्ति का विसर्जन किया जाएगा। शहर में मराठी समाज की ओर से लाल बाग के राजा की प्रतिमा काे विराजमान कराकर गणेश पूजन किया जाएगा।