किसानों की आय बढ़ाना, रोजगार के अवसर पैदा करने और फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए उन्हें कृषि अवस्थापना निधि (एआईएफ) से दो करोड़ रुपये का ऋण मिलेगा। किसानों को छह प्रतिशत ब्याज पर अनुदान भी दिया जाएगा। योजना के तहत ब्याज पर सब्सिडी भी मिलेगी। इसमें भारत सरकार 3 प्रतिशत और राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त 3 प्रतिशत यानी कुल 6 प्रतिशत का ब्याज अनुदान दिया जाता है। योजना को केंद्र और राज्य सरकार की अन्य योजनाओं के साथ जोड़ा गया है। इसमें किसान, किसान उत्पादक संगठन (एफपीओ), स्वयं सहायता समूह, सहकारी समितियां और स्टार्टअप शामिल हैं। इन संस्थाओं के माध्यम से कोल्ड स्टोरेज, पैकेजिंग, छंटाई और ग्रेडिंग इकाइयां, कस्टम हायरिंग सेंटर और जैविक इनपुट उत्पादन जैसी कई परियोजनाएं स्थापित की जा सकती हैं। इच्छुक आवेदक agriinfra.dac.gov.in पोर्टल पर पंजीकरण कर सकते हैं। जानकारी या तकनीकी सहायता के लिए जिला उद्यान अधिकारी या सहायक आयुक्त और सहायक निबंधक सहकारिता से संपर्क कर सकते हैं।