उर्वरक वितरण में गड़बड़ी की समस्या को दूर करने के लिए किसानों को खताैनी देना होगा। जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार एवं जिला कृषि अधिकारी संगम सिंह मौर्य ने बताया कि किसान अपनी जोत एवं बोई गई फसल के क्षेत्रफल के आधार पर वैज्ञानिक संस्तुतियों के अनुसार ही उर्वरकों का क्रय एवं प्रयोग करें। खाद खरीदते समय खतौनी और आधार कार्ड जरूर लेकर जाएं। पॉस मशीन पर अंगूठा लगाकर ही उर्वरकों की खरीदारी करें और उर्वरक खरीद की रसीद जरूर लें। ताकि पारदर्शी तरीके से उन्हें सब्सिडी का लाभ मिल सके। संगम सिंह मौर्य ने बताया कि जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध है। किसानों को यूरिया और डीएपी जैसे प्रमुख उर्वरकों पर 75.51 करोड़ रुपये की सब्सिडी दी जा चुकी है। अब तक किसानों को करीब 21434 मीट्रिक टन यूरिया और 5616 मीट्रिक टन डीएपी दिया जा चुका है।