नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेश के अनुपालन में असि और वरुणा नदी पर चिह्नित अतिक्रमण को हर हाल में दिसंबर तक हटवा दें। ये उक्त आदेश मंडलायुक्त कौशल राज शर्मा ने बुधवार को कमिश्नरी सभागार में पर्यवेक्षणीय एवं मंडलीय पर्यावरण समिति की बैठक में दिए। उन्होंने जलकल के अधिकारियों से कहा कि असि व वरुणा नदी में किसी भी दशा में बिना शोधन के कोई जल गंगा नदी में न गिरे। प्रभागीय वनाधिकारी ने बताया कि वरुणा नदी के किनारे 15 हजार पौधरोपण कराया गया है। डी-सिल्टिंग के बाद और पौधे लगाए जाएंगे। मंडलायुक्त ने नगर आयुक्त से कहा कि सभी डीजल संचालित नावों को दिसंबर तक सीएनजी में परिवर्तित कराएं।
आधुनिक तकनीक से सुदृढ़ होंगी मूलभूत सुविधाएं
मंडलायुक्त ने जापान इंटरनेशनल कॉरपोरेशन एजेंसी (जायका) की संयुक्त समन्वय समिति के साथ भी बैठक की। जायका के मुख्य प्रतिनिधि मिट्सूनोरी सायतो ने कहा कि नए काम अगर आधुनिक तकनीक से किए जाएं तो मूलभूत सुविधाएं और सुदृढ़ होंगी। मिट्सूनोरी सायतो ने बताया कि जायका के तहत फेज-1 में जलापूर्ति, सीवेज तथा सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का कार्य परा किया जा चुका है।