मुठभेड़ में मारे गए बदमाश
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वहीं, एक बदमाश खेत से होकर भाग निकला। मुठभेड़ में ढेर बदमाशों की शिनाख्त बिहार समस्तीपुर मोहद्दीपुर थाना अंतर्गत गोलवा निवासी रजनीश उर्फ बऊआ सिंह और मनीष सिंह के रूप में हुई। यह दोनों सगे भाई थे, जबकि फरार तीसरा बदमाश भाई लल्लन सिंह है। इन दोनों के कब्जे से 9 एमएम की पिस्टल, दरोगा की लूटी हुई नाइन एमएम की ब्राउनी पिस्टल, बाइक और अन्य कागजात भी बरामद हुए। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश भी मौके पर पहुंचे।
टीम में शामिल पुलिस कर्मियों को सम्मानित भी किया। पुलिस आयुक्त के अनुसार मुठभेड़ में ढेर बदमाशों ने पखवारे भर पूर्व लूट की नियत से लक्सा थाने के दरोगा अजय यादव को रोहनिया दरेखू में गोली मारी थी और सर्विस पिस्टल लूटकर फरार हो गए थे। प्रकरण में एसआईटी गठित करते हुए इन बदमाशों की गिरफ्तारी को लेकर आपरेशन पाताललोक चलाया गया था। तय कर लिया गया था कि यह कहीं भी होंगे, ढूंढ निकाला जाएगा।
वाराणसी में रिंग रोड के पास मुठभेड़
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दरोगा अजय यादव की हत्या का प्रयास और सर्विस पिस्टल लूट की घटना ने वाराणसी के साथ ही यूपी पुलिस को भी हिला दिया था। पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने दस दरोगा की एसआईटी गठित की। सर्विलांस प्रभारी इंस्पेक्टर अंजनी पांडेय और क्राइम ब्रांच की टीम लगातार 13 दिन तक सुरागकशी करती रही। कमिश्नरेट पुलिस के लिए यह घटना चुनौती बनी थी। आखिरकार 13 दिन के अंदर पुलिस ने आतंक का अंत कर दिया।
रोहनिया थाना अंतर्गत जगतपुर दरेखू गांव में आठ नवंबर की शाम दरोगा अजय यादव को गोली मार कर बदमाशों ने सर्विस पिस्टल, दस कारतूस, मोबाइल, पर्स लूट ली थी। फायरिंग में दरोगा को सीने के दाहिने हिस्से में गोली लगी थी। इस प्रकरण में लापरवाही बरतने पर रोहनिया इंस्पेक्टर विमल कुमार मिश्र और मोहनसराय चौकी इंचार्ज रजनीश त्रिपाठी को पुलिस आयुक्त ए सतीश गणेश ने निलंबित कर दिया था।
मुठभेड़ में अहम भूमिका निभाने वाले एसआईटी के सदस्य दो दरोगा को इनाम में थाना प्रभारी बनाया गया। नदेसर चौकी इंचार्ज राजकुमार पांडेय को थानाध्यक्ष लोहता और क्राइम ब्रांच के उप निरीक्षक बृजेश मिश्र को थानाध्यक्ष चितईपुर बनाया गया। पुलिस आयुक्त के अनुसार 2017 बैच के दरोगा को पहली बार थाने का चार्ज दिया गया।
अलसुबह के समय हरहुआ रिंग रोड किनारे अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट से आसपास के ग्रामीण सहम गए। अपने गंतव्य को जाने वाले राहगीर भी जहां-तहां ठहर गए। अचानक पुलिस की भारी फोर्स और गाड़ियों को देख बहुत देर तक ग्रामीण कुछ समझ नहीं सके। बाद में मालूम चला कि पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हुई है।