संस्कार भारती काशी महानगर के सहयोग से इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के क्षेत्रीय केंद्र करौंदी में मासिक संगीत शृंखला नाद यात्रा में सुर, लय और ताल की सावनी फुहार में श्रोता भीगे। मुख्य अतिथि नागरी नाटक मंडली ट्रस्ट के सचिव डॉ. अजीत सैगल ने शुभारंभ किया। क्षेत्रीय केंद्र के निदेशक डॉ. अभिजित दीक्षित ने इस शृंखला का महत्व बताया। नाद यात्रा में प्रो. ऋचा कुमार ने शास्त्रीय गायन की परंपरा में रागों की गहनता और भावाभिव्यक्ति का अद्भुत प्रदर्शन किया। उन्होंने झूला की बंदिश से शुरुआत की। दादरा की बंदिश के बोल थे- नजर भर हेरो घूंघट वाली रे...। युवा गायक भगीरथ जालान ने कजरी सुनाई। बोल थे- बरसन लागी बदरिया रुमझुम के..., सावन झर लागेला धीरे धीरे..., गोरिया पाए नाहीं सयां के सावनवां...। तबले पं. ललित कुमार और सारंगी पर हर्षित उपाध्याय ने संगत की। संचालन प्रो. केए चंचल और धन्यवाद ज्ञापन आरवी शर्मा ने किया। इस मौके पर किशन जालान, डॉ. प्रेम नारायण सिंह, डॉ. अवधेश सिंह, दीपक शर्मा आदि मौजूद रहे।