जौनपुर। प्रोफेसर और एसोसिएट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती के लिए पूविवि को पात्र उम्मीदवार नहीं मिल पाए हैं। आवेदन करने वाले ज्यादातर अभ्यर्थियों को स्क्रीनिंग के दौरान अपात्र घोषित कर दिया गया है। हालांकि इनमें से कई ऐसे भी हैं, जिनकी पात्रता दूसरे विश्वविद्यालयों में उसी पद के लिए स्वीकार की गई है। फिलहाल अपात्र घोषित किए गए अभ्यर्थियों की ओर से दायर आपत्तियों के निस्तारण में कमेटी जुटी हुई है।
विवि के विभिन्न विभाग में प्रोफेसर के 13, एसोसिएट प्रोफेसर के 19 और असिस्टेंट प्रोफेसर के 8 पद लंबे समय से रिक्त चल रहे हैं। इन पदों को भरने के लिए विवि प्रशासन ने यूजीसी से निर्धारित पात्रता नियम के आधार पर योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किया। विवि की वेबसाइट पर अपलोड जानकारी के मुताबिक एसोसिएट प्रोफेसर-कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग में एक पद के लिए आठ, पृथ्वी एवं गृह विज्ञान के दो पद के लिए 15, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में एक पद के लिए तीन, वित्त एवं नियंत्रण के एक पद के लिए एक, मानविकीय के एक पद पर तीन, व्यावसायिक अर्थशास्त्र में एक पद पर तीन, एचआरडी में एक पद पर तीन और रसायन विज्ञान में एक पद पर 21 अभ्यर्थियों ने आवेदन किया। स्क्रीनिंग में सभी अपात्र घोषित किए गए हैं। एसोसिएट प्रोफेसर मनोविज्ञान, जनसंचार एवं पत्रकारिता के एक-एक पद के लिए 3-3 आवेदनों में से 2-2 अपात्र बताए गए हैं। इलेक्ट्रानिक्स और संचार एक पद के लिए 19, गणित दो पद के लिए 10, एमसीए के लिए 16 और मेकेनिकल इंजीनियरिंग के लिए 14 आवेदन पत्र मिले हैं। इनमें क्रमश: 16, 9, 11 और 13 अभ्यर्थियों को अपात्र माना गया है।
प्रोफेसर के 7 पदों पर कोई आवेदन नहीं
विवि प्रशासन ने सात विषयों में प्रोफेसर पद पर आवेदन पत्र आमंत्रित किए थे। इनमें एचएचआरडी (एससी), कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग, एमएफसी, एमसीजे, एमएपी, रसायन विज्ञान, अर्थ एवं ग्रह विज्ञान विभाग के एक-एक पद के लिए कोई भी आवेदन पत्र प्राप्त नहीं हुए हैं।
यहां अपात्र, दूसरे जगहों पर पात्र
बड़ी संख्या में आवेदकों को अपात्र घोषित किए जाने के बीच जनसंचार एवं पत्रकारिता विभाग का मामला चर्चा में है। यहां दो अभ्यर्थियों को जिन मानकों के आधार पर अपात्र घोषित किया गया है, उन्हीं मानकों के आधार पर एक अभ्यर्थी जुलाई महीने में राजस्थान केंद्रीय विवि अजमेर में पात्र था। उसने साक्षात्कार में भाग भी लिया। दूसरे अभ्यर्थी का मानकों के आधार पर भारतीय जनसंचार संस्थान नई दिल्ली में चयन हो चुका है। जुलाई में काशी विद्यापीठ की ओर पात्र घोषित कर साक्षात्कार प्रक्रिया में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया था।
लिखित परीक्षा कल
जौनपुर। पूविवि के विभिन्न संकायों सहायक आचार्य के पदों पर चयन के लिए लिखित परीक्षा 25 अगस्त को विवि परिसर स्थित नवीन मूल्यांकन भवन में तीन पालियों में होगी। सुबह 11 से 12:00 बजे एमबीए कंप्यूटर साइंस मैथमेटिक्स रिन्यूएबल एनर्जी, द्वितीय पाली में 1 से 2 बजे तक एमबीई बायो टेक्नोलॉजी, तृतीय पाली में 3 से 4 बजे तक एमएचआरडी की परीक्षा होगी। सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश पत्र विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर दिया गया है। यह जानकारी परीक्षा नियंत्रक वीएन सिंह ने दी है।
यूजीसी के मानक सभी के लिए एक हैं। स्क्रीनिंग की प्रक्रिया के लिए कमेटी गठित की गई है। एपीआई के आधार पर पात्रता तय होती है। विवि में अभी लिखित परीक्षा नहीं हुई है। ऐसे में किसी को अपात्र बताए जाने की जानकारी मुझे नहीं है। -प्रो. निर्मला एस. मौर्य, कुलपति
एसोसिएट प्रोफेसर के लिए आठ और प्रोफेसर पद के लिए दस वर्ष के शिक्षण कार्य के अनुभव का मानक है। कई अभ्यर्थियों ने तय मानक पूरा नहीं किया था। दस्तावेजों के सत्यापन में भिन्नता पाई गई है। इसके अलावा कइयों के आवेदन पत्र के साथ पे स्लिप, बैंक स्टेटमेंट, आईटीआर की प्रति सहित अन्य दस्तावेज संलग्न नहीं थे। सभी अभ्यर्थियों को आपत्ति दर्ज करने का मौका भी दिया गया था। जो आपत्ति प्राप्त हुई, उसका अवलोकन कर निस्तारण किया गया है। स्क्रीनिंग में पूरी पारदर्शिता बरती गई है। सारी प्रक्रिया नियमानुसार हुई है। -प्रो. देवराज सिंह, अध्यक्ष, स्क्रीनिंग कमेटी